कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों को गेहूं की बुआई के लिए बीज और खाद की उपलब्धता को लेकर परेशानी न हो, इसके लिए कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक समय रहते किसानों तक पहुंचना चाहिए।

कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया कि प्रदेश में गेहूं के कच्चे बीज का पर्याप्त भंडार मौजूद है। करीब 40.64 लाख क्विंटल रॉ-सीड उपलब्ध है, जबकि राज्य में सामान्य तौर पर गेहूं की बुआई के लिए लगभग 17 से 18 लाख क्विंटल बीज की जरूरत पड़ती है। बीज की प्रोसेसिंग और सर्टिफिकेशन का काम चल रहा है तथा सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। अक्टूबर में शुरू होने वाली गेहूं की बुआई के लिए विभाग ने पर्याप्त बीज उपलब्ध होने की बात कही है।
मंत्री ने अधिकारियों को गेहूं के साथ-साथ चना और मसूर के प्रमाणित एवं बेहतर गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता पर भी ध्यान देने को कहा। उनका कहना था कि अच्छी गुणवत्ता वाले बीज से उत्पादन बेहतर होगा और किसानों को दलहन की बिक्री से बेहतर आय हासिल करने में मदद मिलेगी।
खाद का भी पर्याप्त भंडार
रबी फसलों की जरूरत को देखते हुए प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का भी पर्याप्त स्टॉक बताया गया है। विभाग के अनुसार फिलहाल 2,34,712 मीट्रिक टन यूरिया, 55,081 मीट्रिक टन डीएपी, 35,049 मीट्रिक टन एनपीके और 59,610 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।
राणा ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को बुआई और फसल की शुरुआती बढ़वार के समय खाद के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने स्टॉक की लगातार निगरानी करने और जरूरत के अनुसार पहले से व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि खाद वितरण को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जोड़ने का फायदा किसानों के साथ-साथ सरकार को भी मिला है। उनके मुताबिक इस व्यवस्था से खाद की उपलब्धता में सुधार हुआ और केंद्र सरकार की सब्सिडी में करीब 863 करोड़ रुपये की बचत हुई।
पराली प्रबंधन की मशीनों पर भी फोकस
बैठक में फसल अवशेष प्रबंधन योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए जागरूकता के साथ-साथ मशीनरी की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने सुपर सीडर, बेलिंग मशीन, हैप्पी सीडर, श्रेडर मास्टर और जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल समेत अन्य कृषि मशीनों की उपलब्धता और सब्सिडी प्रक्रिया की समीक्षा की।
राणा ने निर्देश दिए कि किसान के मशीन खरीदने के बाद उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन में अनावश्यक देरी न हो और सत्यापन पूरा होते ही सब्सिडी की राशि उसके बैंक खाते में भेजी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रबी सीजन शुरू होने से पहले बीज, खाद और पराली प्रबंधन से जुड़ी मशीनों की उपलब्धता को लेकर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक, अतिरिक्त निदेशक एवं हरियाणा राज्य बीज प्रमाणन एजेंसी के निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) डॉ. रामप्रताप सिंहाग, अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रदीप मील सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

