शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को जाति प्रमाण पत्र विवाद में बड़ी राहत मिली है। जाति संबंधी शिकायत की जांच कर रही छानबीन समिति ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्य मंत्री के अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र को वैध और कानूनी रूप से सही माना है। समिति ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों को भी खारिज कर दिया है।
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समिति के आदेश में कहा गया है कि प्रतिमा बागरी का ‘बागरी’ अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार जारी किया गया है और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों के आधार पर समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध है।
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यह मामला कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार की शिकायत के बाद चर्चा में आया था। उन्होंने राज्य मंत्री के जाति प्रमाण पत्र पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की थी। हालांकि, छानबीन समिति ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया और उन्हें निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।
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वहीं, समिति के फैसले के बाद कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने कहा है कि वे इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं और इसे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। ऐसे में अब इस पूरे मामले पर अंतिम कानूनी फैसला न्यायालय में होने की संभावना है। समिति के फैसले के बाद राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, जबकि इस मुद्दे पर सियासी बहस अभी जारी हैं।
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