चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले 36 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत में 16 मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। इनमें कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, दुर्घटना में मृत्यु पर सहायता राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने और खाली पदों पर नियमित भर्ती जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और मंत्री कृष्ण बेदी ने सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बनी। सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे थे। लंबे समय तक चले आंदोलन के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति प्रभावित हुई, वहीं कुछ स्थानों पर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव भी देखने को मिला।

यूनियन अध्यक्ष नरेश शास्त्री के मुताबिक कर्मचारियों की कई मांगों पर सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है। दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों के आर्थिक सुरक्षा कवच को बढ़ाने पर सहमति बनी है। दुर्घटना में कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 25 लाख रुपये दिए जाने पर सहमति बताई गई है। इसके अलावा पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों की दुर्घटनावश मृत्यु पर मिलने वाली अनुकंपा सहायता को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

वर्दी भत्ता और मेडिकल सुविधाओं में भी राहत

समझौते के अनुसार सफाई कर्मचारियों को 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता देने पर सहमति बनी है। सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन का हर साल नगर निकाय के खर्च पर मेडिकल चेकअप कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। नियमित कर्मचारियों, पेंशनधारकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

कर्मचारियों को एक वर्ष में 20 दिन की मेडिकल छुट्टी देने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी है। पालिका रोल पर कार्यरत सीवरमैन के मासिक वेतन में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी करने की बात भी समझौते में शामिल है।

खाली पदों पर होगी नियमित भर्ती

हड़ताल खत्म कराने में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में नियमित भर्ती भी रहा। सरकार की ओर से रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तय होने के बाद नियमित नियुक्तियां करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा जिन नियमित कर्मचारियों को आंदोलन के दौरान निलंबित किया गया था, उनके निलंबन को बहाल करने की बात कही गई है।

सेवा से हटाए गए पालिका रोल और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) के कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने के मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने के मुद्दे पर भी नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

73 कर्मचारी बर्खास्त, 10 नियमित कर्मचारी निलंबित

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान कई जगहों पर विवाद और टकराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। अब तक 73 कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने और 10 नियमित कर्मचारियों के निलंबन की जानकारी सामने आई है। फरीदाबाद में 5 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय के बाहर उनकी कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़कर विरोध जताया था।

बहादुरगढ़ में 2 सितंबर की रात निगम की टीम कूड़ा उठाने पहुंची तो हड़ताली कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। टकराव के दौरान 9 लोग घायल हुए थे और पुलिस ने करीब 50 सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लिया था। हिसार में भी प्रदर्शन के दौरान महिलाओं द्वारा पुलिसकर्मियों पर कूड़ा फेंकने की घटना सामने आई थी।

हड़ताल की अवधि का होगा समायोजन

समझौते के तहत हड़ताल के दौरान जितने दिन कर्मचारी काम से दूर रहे, उन दिनों को अतिरिक्त कार्य के जरिए समायोजित करने का प्रावधान रखा गया है। साथ ही कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को नौकरी और ग्रेच्युटी से जुड़ी सुविधा जॉब सिक्योरिटी एक्ट के प्रावधानों के तहत देने की बात कही गई है।

लंबे आंदोलन के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बनी सहमति से अब सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। कर्मचारियों की ओर से हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया गया है और आगामी दिनों में समझौते के तहत लिए गए फैसलों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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