महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, मृतकों के शरीर में सामान्य विष से अलग कंटेंट पाया गया है. सूत्रों का कहना है कि शरीर के आंतरिक अंग हरे पड गये थे. सूत्रों का कहना है कि इस मामले में गवाही के एक मामले के चलते साजिश की आशंका नजर आती है. पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक जिस केस में मृतक अब्दुल्ला अहम गवाह थे, उसमें एक पति-पत्नी के बीच का विवाद और वित्तीय लेनदेन शामिल है। 

अब्दुला ने अपने दोस्त को 25 लाख रुपये दिए थे। ये पैसे उन्होंने हमीदा नाम की लड़की से लिए थे। अब हमीदा और अब्दुला के दोस्त आफताब के बीच विवाद चल रहा है। इस बीच अब्दुला की मौत हो गई।

मुंबई के पायधुनी इलाके में बिरयानी के बाद तरबूज खाने से एक परिवार के सभी चार लोगों की मौत हो गई। इस घर के मुखिया अब्दुला डोकाड़िया एक केस में अहम गवाह थे। पुलिस की जांच में उस केस की जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक जिस केस में मृतक अब्दुल्ला अहम गवाह थे, उसमें एक पति-पत्नी के बीच का विवाद और वित्तीय लेनदेन शामिल है। 

दरअसल, मुंबई में मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाने वाले अब्दुल्ला डोकाडिया (45), उनकी पत्नी नसरीन (35) और उनकी दो बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) पिछले शनिवार यानी 25 अप्रैल की रात अपने पांच रिश्तेदारों के साथ डिनर किया. जिसमें उन्होंने बिरयानी खाई. रिश्तेदारों के जाने के बाद, परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया और उसके बाद सो गए. लेकिन सुबह 5 बजे वे अचानक से बीमार हो गए. परिवार के चारों सदस्यों में एक जैसे लक्षण थे. सभी को उल्टी और दस्त हुए. जो फूड पॉइजनिंग का संकेत दे रहे थे, लेकिन कुछ ही घंटों में चारों की मौत हो गई.

केस के बारे में जानकारी इक्कठा करते हुए पुलिस को पता चला कि जिस महिला ने केस दर्ज कराया था वह और एक अन्य व्यक्ति जिसकी पहचान आफताब के रूप में हुई है। वह दोनों एक दूसरे के दूर के परिचित रिश्तेदार थे। अब्दुल्ला भी आफताब को जानता था। 

पुराने केस में हमीदा नाम की महिला जो अमेरिका में मेकअप आर्टिस्ट का काम करती थी वह और आफताब सोशल मीडिया के माध्यम से एक दूसरे के संपर्क में आए हालांकि आफताब की शादी पहले ही हो चुकी थी, लेकिन पहली पत्नी से तलाक के बाद उसने हमीदा से शादी कर ली। आफताब के पिता एक बिल्डर थे हालांकि उनका बिजनेस ठीक नहीं चल रहा था। इसलिए साल 2019 में आफताब ने हमीदा से 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद मांगी। उस वक्त हमीदा ने उसे 25 लाख रुपए दिए और उन पैसों को लेने के लिए आफताब ने उस वक्त अब्दुल्ला को भेजा था। इसलिए केवल अब्दुल्ला ही इस मामले में मुख्य गवाह था। 

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