वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के चंडी प्रखंड अंतर्गत बेलछी पंचायत में मनरेगा योजना में भारी अनियमितता का आरोप लगने के बाद पंचायत राजनीति गरमा गई है। पंचायत के उप प्रमुख दयानंद ने प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
कागज पर काम दिखाकर लाखों की निकासी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान मनरेगा के तहत कई योजनाओं में धरातल पर कोई काम नहीं कराया गया, लेकिन कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई। उप प्रमुख दयाशंकर कुमार का आरोप है कि पंचायत रोजगार सेवक मनोज कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक पंकज कुमार और कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रेम कुमार लाल की मिलीभगत से यह पूरा खेल किया गया। शिकायत के अनुसार मजदूरों को रोजगार दिए बिना ही फर्जी तरीके से मस्टर रोल तैयार कर भुगतान दिखाया गया और सरकारी राशि का बंदरबांट कर लिया गया।
ग्रामीणों में भारी नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जिन योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं, वहां जमीन पर कोई निर्माण कार्य दिखाई नहीं देता। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने किसी तरह का काम नहीं किया, फिर भी उनके नाम पर भुगतान दिखाया गया है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पंचायत क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सरकारी पैसे के वसूली की मांग
उप प्रमुख दयाशंकर ने उप विकास आयुक्त, नालंदा को दिए आवेदन में कहा है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आ सकती है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी राशि की वसूली की मांग की है। ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में क्या खुलासा होता है? और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है? या फिर मामला फाइलों तक ही सीमित रह जाता है।
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