वीरेंद्र कुमार, नालंदा। नालंदा के वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान यानी VIMS से एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल, जहां छात्रों को डॉक्टर बनने की तैयारी करानी चाहिए थी, वहां करोड़ों के NEET सेटिंग रैकेट का खेल चल रहा था। पुलिस ने इस बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए लाखों रुपये नकद और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है मेडिकल कॉलेज का ही एक छात्र, जो खुद तीन साल से MBBS में फेल चल रहा था।

MBBS का फेल छात्र निकला मुख्य सरगना

नालंदा के VIMS मेडिकल कॉलेज से सामने आया NEET सॉल्वर गैंग का मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से ही NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा था। इस गिरोह का मुख्य आरोपी उज्ज्वल राज बताया जा रहा है, जो VIMS के 2022 बैच का छात्र है। नियमों के मुताबिक उसे अब तक MBBS के पांचवें वर्ष में होना चाहिए था, लेकिन लगातार फेल होने के कारण वह अभी भी दूसरे वर्ष में ही पढ़ाई कर रहा था।

20 से 25 लाख में होती थी सेटिंग

पुलिस के अनुसार उज्ज्वल ने अपनी असफलता को अपराध का रास्ता बना लिया और मेडिकल सीट दिलाने के नाम पर करोड़ों का धंधा शुरू कर दिया। गिरोह राजस्थान और छत्तीसगढ़ से प्रोफेशनल सॉल्वर बुलाता था, जो असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते थे। इसके बदले छात्रों से 20 से 25 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। इस खेल में उसका साथ कॉलेज मेट अवधेश कुमार और ममेरा भाई अमन कुमार दे रहा था। अमन पिछले दो साल से अवैध रूप से हॉस्टल में रहकर पूरे नेटवर्क को संभाल रहा था।

पुलिस को मिले हैं कई अहम सुराग

पावापुरी ओपी प्रभारी गौरव कुमार सिंह की टीम ने जब हॉस्टल में छापेमारी की तो पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो गया। हालांकि मुख्य आरोपी उज्ज्वल राज मौके से फरार होने में सफल रहा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2 लाख 95 हजार रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो और एक ब्रेजा कार बरामद की है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई वीआईपी संपर्क और अहम डेटा भी मिले हैं।

10 से अधिक जिलों में थी सेटिंग

जानकारी के मुताबिक इस बार गिरोह ने मुजफ्फरपुर, वैशाली, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों के 10 से 12 अभ्यर्थियों के साथ सेटिंग कर रखी थी। लेकिन समय रहते पुलिस कार्रवाई होने से फर्जी एडमिट कार्ड नहीं भेजे जा सके और परीक्षा से पहले ही पूरे खेल का भंडाफोड़ हो गया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले CBI की टीम भी उज्ज्वल राज की तलाश में कॉलेज पहुंची थी, जिससे इस नेटवर्क के बड़े और अंतरराज्यीय होने की आशंका और मजबूत हो गई है।

उज्ज्वल राज की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल अवधेश कुमार और अमन कुमार जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि मास्टरमाइंड उज्ज्वल राज की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस शिक्षा माफिया नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

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