चाईबासा। झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में माओवाद के खिलाफ चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान के बीच प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका लगने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, 5 लाख रुपये का इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर कायम ने दो महिला माओवादियों के साथ पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि, देर रात तक पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी और न ही प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी।
सुरक्षा बलों के दबाव में लिया बड़ा फैसला
सूत्रों का कहना है कि जंगलों में लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की बढ़ती घेराबंदी और संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क के चलते तीनों माओवादियों ने हथियार छोड़ने का फैसला किया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक करने से बच रही है।
5 लाख का इनामी, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नाम
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सालुका कायम उर्फ सालुका, डांगिल, मारू और भुवनेश्वर कायम प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के साउथ जोन सेंट्रल कमेटी (SZC) का सक्रिय सदस्य रहा है। उसका नाम पुलिस के इनामी नक्सलियों की सूची में दर्ज है और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित है। उसका पुलिस रिकॉर्ड क्रमांक 30/2023 के तहत दर्ज बताया जाता है।
रिकॉर्ड के अनुसार, वह सोढो कायम का पुत्र है और उसका मूल निवास कुदाबुरू कायमसाई गांव, थाना सोनुवा, जिला पश्चिमी सिंहभूम है।
मिसिर बेसरा का करीबी माना जाता था
सूत्रों के अनुसार, सालुका कायम संगठन के शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी रहा है। मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कोल्हान में माओवादी नेटवर्क पर दबाव और तेज कर दिया था। ऐसे में सालुका का आत्मसमर्पण संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
हालांकि, आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी के लिए पुलिस की ओर से औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।


