हेमंत शर्मा, इंदौर। ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद इंदौर के शहर काजी डॉक्टर इशरत अली ने समाज, देश और राजनीति से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का खुलकर विरोध करने के साथ-साथ स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर फैल रही नफरत, नशे के बढ़ते जाल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाज को कड़ा संदेश दिया है।
स्मार्टफोन पैदा कर रहा झगड़े
शहर काजी डॉक्टर अली ने आधुनिक जीवनशैली और मोबाइल की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “स्मार्टफोन आज परिवारों के बीच नफरत और झगड़े पैदा कर रहा है। इसके कारण परिवार के लोग एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं।” उन्होंने समाज के लोगों को सलाह देते हुए कहा कि स्मार्टफोन की जगह साधारण ‘कीपैड मोबाइल’ का इस्तेमाल करें, ताकि आपसी रिश्ते बचे रहें।
सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की साजिश
काजी ने देश के मौजूदा सौहार्द पर बात करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर इन दिनों फेक (गलत) खबरों के जरिए देश का माहौल खराब करने और नफरत फैलाने की बड़ी साजिश चल रही है। लोगों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम करना चाहिए। वहीं, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर अपना रुख साफ करते हुए उन्होंने दोटूक कहा, “इसे कोई भी कबूल (स्वीकार) नहीं कर सकता।” इंदौर शहर काजी ने यूसीसी का मंच से खुलकर विरोध किया।
लड़कियां भी नशे की चपेट में
समाज में फैल रहे नशे के कारोबार पर प्रहार करते हुए डॉक्टर इशरत अली ने कहा कि अगर समाज समय रहते जागरूक नहीं हुआ, तो आने वाले नौजवानों की नस्लें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा- अब सिर्फ लड़के ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी नशा कर रही हैं और कई लड़कियां तो नशा के धंधे में भी संलिप्त हो चुकी हैं। गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने और पर्यावरण बचाने की मांग की। उन्होंने कहा- गाय को देश की ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित किया जाना चाहिए। विकास के नाम पर अंधाधुंध काटे जा रहे पेड़-पौधों पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस विनाश पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
शहरकाजी ने जो कहा उसमें नया कुछ नहीं
मामले को लेकर बीजेपी प्रवक्ता ब्रजगोपाल लोया ने कहा- गाय हमारे राष्ट्र की मां है, हम मां मानते हैं गाय माता को, मप्र में गोवध पर प्रतिबंध है। गौ मांस के उपयोग, व्यवसाय का पर प्रतिबंध है। शहरकाजी ने जो कहा उसमें नया कुछ नहीं है। गीता, गंगा, गायत्री, गौ को मां मान लिया जाए तो फिर गाय की हत्या कोई नहीं करेगा, क्योंकि अपनी मां की हत्या कोई नहीं करता है।

