गुलशन कुमार, नारनौल। देश में साइबर ठगी के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। शातिर ठग कभी फर्जी लिंक भेजकर तो कभी बैंक अधिकारी बनकर लोगों के खातों से मेहनत की गाढ़ी कमाई उड़ा रहे हैं। इस बीच, नारनौल साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लाखों रुपये की ठगी के मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को जयपुर से गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है।
गलती से डाउनलोड किया फर्जी लिंक और साफ हो गए 10 लाख रुपये
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, नारनौल साइबर क्राइम थाने में एक पीड़ित बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने अपनी सेवानिवृत्ति या अन्य माध्यम से मिली पेंशन के ₹10 लाख अपने बैंक खाते में सुरक्षित जमा करवाए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात लिंक आया, जिसे उन्होंने गलती से डाउनलोड कर लिया। लिंक डाउनलोड होते ही साइबर अपराधियों ने उनके खाते का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया और देखते ही देखते खाते में जमा पूरी की पूरी ₹10 लाख की राशि पार कर दी।
जयपुर से दबोचा गया आरोपी, एटीएम और कई मोबाइल जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान (एसपी) दीपक के निर्देशन में साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन को ट्रैक करते हुए राजस्थान के जयपुर में दबिश दी और ‘हर्ष’ नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, पीड़िता की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई थी। जयपुर से पकड़े गए आरोपी हर्ष के पास से ठगी की कुछ नकदी, वारदात में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल फोन और अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड (ATM Cards) बरामद हुए हैं। यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा लग रहा है।
5 दिन के रिमांड की तैयारी, खुलेंगे कई और बड़े राज
नारनौल पुलिस अब इस आरोपी को कोर्ट में पेश कर कम से कम 5 दिनों के पुलिस रिमांड (Police Remand) पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस इलाके और देश के अन्य हिस्सों में अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस ठगी में उसके साथ और कौन-कौन से सह-आरोपी शामिल हैं, इसका खुलासा भी रिमांड के दौरान होने की उम्मीद है।

