नीरज काकोटिया, बालाघाट। बालाघाट में वन विभाग बैहर की टीम द्वारा विशेष कार्रवाई करते हुए वन्य प्राणी बाघ के संदिग्ध अवयवों की अवैध खरीद-फरोख्त की योजना को विफल करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खरीददार बनकर योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई की।

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जानकारी के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर वन अधिकारी कर्मचारी ग्राहक बनकर पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके कब्जे से बरामद दो अलग-अलग हड्डियां/कंकाल है वह बाघ की बताई गई है। जिनमें से एक बाघ की हड्डी  बम्हनी बंजर, जिला मंडला से लाया जाना बताया गया। द्वितीय बाघ का कंकाल कहा से लाया गया इस बात की पुष्टि होना शेष है। प्रथम दृष्टया दोनों कंकाल बाघ के ही प्रतीत हो रहे हैं। बरामद अवयवों की वास्तविक पहचान एवं पुष्टि हेतु उन्हें विधिवत वैज्ञानिक परीक्षण (फॉरेंसिक जांच) के लिए भेजा जा रहा है। 

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आगे की पूछताछ हेतु वन विभाग द्वारा आरोपियों को अभिरक्षा में लिया गया है। जिसमें रामलाल टेकाम, उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम कुरवाही, दशरथ  परते, उम्र 45 वर्ष, निवासी बिछिया, भीम सिंह परते  निवासी हर्राभाट, रविन्द्र सोनकुसरे  निवासी छपारा, राजकुमार सोनकुसरे निवासी छपारा, देवीदयाल ढोढरे निवासी छपारा है। मामले में अन्य भी आरोपी हो सकते हैं। जिसमें देवीदयाल का नाम सामने आया है। मामले में सभी के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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