शिवम मिश्रा, रायपुर। रायपुर की सड़कों पर एक बार फिर बेखौफ लुटेरों का आतंक देखते ही बन रहा है। रायपुर और नवा रायपुर के बीच मंदिर हसौद इलाके में मंगलवार रात चाकू की नोक पर दस लाख रुपए नगदी के लूट की वारदात ने सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक ठेकेदार का अकाउंटेंट सागर डेहरिया बाइक में सवार होकर सेरीखेड़ी से नवा रायपुर नकदी लेकर जा रहा थे। इसी बीच बाइक सवार लुटेरों ने अकाउंटेंट को रोका और उसकी गर्दन पर चाकू टिकाकर दस लाख रुपए से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। रायपुर में दस लाख रुपयों की लूट से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

पुलिस FIR दर्ज कर CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए 4 टीमें गठित की गई हैं। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि वारदात के 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं? आख़िर इतने सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बाद भी, बाइक का नंबर दिख जाने के बाद भी, फिर भी अपराधियों को छूट कैसे मिल गई? पढ़िए लल्लूराम डॉट कॉम की पड़ताल।

चाकू की नोक पर अकाउंटेंट से लुटेरों ने लूटे 10 लाख रुपये

यह पूरी घटना मंदिर हसौद इलाके ललित महल के पास नवा रायपुर सड़क की है। मंगलवार शाम ठेकेदार का अकाउंटेंट सागर डहरिया समता कॉलोनी स्थित ऑफिस से 10 लाख रुपये से भरा बैग लेकर पेमेंट करने नवा रायपुर के लिए निकला हुआ था। इसी बीच नवा रायपुर की रोड शुरू होते ही सुनसान सड़क पर बाइक सवार 2 अज्ञात लुटेरों ने अकाउंटेंट को रोका और उसे चाकू टिकाकर बैग छीनकर फरार हो गए। पूरी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया और फिर वरिष्ठ अफसर पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गए।

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रायपुर और सीमावर्ती इलाको में लूट की बार बार हो रही वारदातों से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है। CCTV में बदमाशों के चेहरे साफ हैं, बाइक का नंबर ट्रेस हो गया। फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं? पुलिस आखिर अब तक लुटेरों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है। लोकल मुखबिर तंत्र फेल कैसे हो गया?

इलाके के लोग दहशत में हैं। उनका आरोप है कि पुलिस गश्त नहीं करती और लुटेरे बेखौफ घूम रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं।

जानिए एफआईआर में पीड़ित ने क्या बताया

पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, ऐश्वर्य विंडमिल निवासी और निर्माण व्यवसाय से जुड़े अतुल अग्रवाल की कंपनी का निर्माण कार्य नवा रायपुर के सेक्टर-26 में चल रहा है। मजदूरों के भुगतान के लिए कंपनी की ओर से कर्मचारी विद्यासागर डहरिया को 10 लाख रुपये नगद देकर समता कॉलोनी स्थित कार्यालय से नवा रायपुर भेजा गया था। रकम एक काले रंग के चेन वाले बैग में रखी गई थी, जिसे कर्मचारी ने अपनी बाइक की टंकी के ऊपर रखा था।

बताया गया है कि 16 जून की शाम करीब 6:17 बजे विद्यासागर डहरिया रायपुर से सेरीखेड़ी होते हुए नवा रायपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह रायपुर-सेरीखेड़ी मार्ग पर ओवरब्रिज के पास पहुंचा, तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवक उसके करीब पहुंचे। दोनों ने पहले बैग छीनने का प्रयास किया। जब वे सफल नहीं हुए, तो पीछे बैठे युवक ने चाकू निकालकर कर्मचारी को डराया और जान से मारने की धमकी दी। घबराए कर्मचारी ने अपनी बाइक सड़क किनारे छोड़ दी और जान बचाने के लिए रायपुर की ओर भाग गया। इसके बाद दोनों बदमाश बाइक पर रखा बैग लेकर नवा रायपुर की दिशा में फरार हो गए।

दो सप्ताह में लगातार हुईं बड़ी वारदातें

यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दो सप्ताह के दौरान रायपुर शहर और ग्रामीण सीमा क्षेत्र में लगातार बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई हैं। डीडी नगर क्षेत्र में एक सुपरवाइजर से करीब 10 लाख रुपये की लूट की वारदात हुई थी। अभनपुर में बैंक मित्र को चाकू दिखाकर नगदी लूट ली गई। टिकरापारा के कमल विहार इलाके में एक युवक से मोबाइल, नगदी और बाइक छीन ली गई। धरसींवा क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर पर हमला कर लूटपाट की गई। वहीं डीडी नगर क्षेत्र में ही बीते रविवार को चाकू की नोक पर एक और लूट की घटना सामने आई थी।

इन मामलों में कई घटनाएं ऐसी हैं जिनमें पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं।

नाइट पेट्रोलिंग और चेक पोस्ट पर उठ रहे सवाल

लगातार हो रही वारदातों के बाद पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग, चेक पोस्ट व्यवस्था और विशेष निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने वाले सुनसान मार्गों पर अपराधी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कई मामलों में लुटेरों ने चाकू और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाया है।

व्यापारियों, ठेकेदारों और आम नागरिकों का कहना है कि बड़ी नगदी लेकर आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही है तथा जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर मामलों का खुलासा किया जाएगा।

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