CBSE बोर्ड की मंशा अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाई है कि आखिर में 12वीं के पास आउट बच्चों के साथ करना क्या चाहता है. CBSE बोर्ड के फैसलों से पता ही नहीं चल पा रहा है कि आखिर उसका मेन फैसला किस तरफ जा रहा है. कभी हां कहता है, फिर ना कहता है. 12वीं की री-इवैल्यूएशन को लेकर कोई सटीक फैसला कर ही नहीं पा रहा है. कुछ समय पहले दावा किया गया था कि OSM प्लेटफॉर्म को री-इवैल्यूएशन से हटा लिया गया है. उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच पूरी तरह CBSE के अपने पोर्टल पर की जाएगी. 

CBSE आंसर शीट री-इवैल्यूएशन पर बड़ा अपडेट, OSM प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जारी  रखेगा COEMPT Eduteck | COEMPT Eduteck will continue scanning CBSE 12th  students answer sheets for re evaluation

अब फिर पता चला है कि री-इवैल्यूएशन का काम COEMPT Eduteck जारी रखेगा. OSM प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आंसर शीट की स्कैनिंग के लिए बिना किसी रुकावट के किया जाएगा.

ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है. Coempt Eduteck कक्षा 12वीं की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में आंसर-शीट की स्कैनिंग और इवैल्यूएशन का काम जारी रखेगी. पहले खबर ये थी कि Coempt Edu Teck के OnMark प्लेटफॉर्म को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से हटा दिया है. उसके अनुसार री-इवैल्यूएशन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में रखना अधिक सुरक्षित होगा. आंसर शीट का री-इवैल्यूएशन अपने ही पोर्टल पर करेगा. जो अगले सप्ताह से शुरू करने की संभावना जताई गयी थी.

अब फिर CBSE बोर्ड ने अपनी बातों से करवट लेते हुए एक बार फिर COEMPT Eduteck के OSM सिस्टम पर भरोसा जताया है. ताजा जानकारी के अनुसार हैदराबाद की कंपनी Coempt Eduteck कक्षा 12वीं की री-इवैल्यूएशन के लिए जमा होने वाली आंसर-शीट की स्कैनिंग और इवैल्यूएशन प्रक्रिया से जुड़ी रहेगी.

COEMPT Eduteck का OSM पोर्टल उस समय विवादों में घिर गए, जब कक्षा 12वीं के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई कॉपियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं है. इन शिकायतों के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर OSM प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे और कंपनी की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई.

अब फिर से छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ने कि दिशा में है. हालांकि, CBSE ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डेटा सुरक्षा और निगरानी अब पहले से अधिक मजबूत होगी, ताकि छात्रों की जानकारी सुरक्षित रहे और मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा कायम रखा जा सके.