रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। राज्य में 63 लाख 24 हजार 116 मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन मतदाताओं को अपनी नागरिकता और वोटर लिस्ट में दर्ज नाम से जुड़ी विसंगतियों को लेकर दस्तावेज और जवाब प्रस्तुत करना होगा। नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुनवाई 24 अगस्त से शुरू होगी।
रांची सबसे आगे, 6.89 लाख मतदाताओं को नोटिस
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार रांची जिले में सबसे ज्यादा 6,89,283 मतदाता नोटिस के दायरे में हैं। गिरिडीह में 5,33,553, धनबाद में 4,73,891, पूर्वी सिंहभूम में 4,59,314 और हजारीबाग में 4,16,052 मतदाताओं को नोटिस जारी किया जा रहा है।
45.55 लाख मतदाताओं में मिली तार्किक विसंगति
नोटिस पाने वाले मतदाताओं में सबसे बड़ा हिस्सा तार्किक विसंगति श्रेणी का है। ऐसे 45,55,227 मतदाता हैं, जिनके नाम पुराने रिकॉर्ड से मेल खाने के बावजूद नाम, माता-पिता के नाम या जन्मतिथि में अंतर जैसी विसंगतियां सामने आई हैं। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने की स्थिति भी सामने आई है।वहीं, 14,03,205 मतदाता नो मैपिंग और 3,65,684 मतदाता डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री (DSE) के आधार पर सत्यापन के दायरे में हैं।
22-23 अगस्त को लगेगा आखिरी विशेष कैंप
सुनवाई शुरू होने से पहले 22 और 23 अगस्त को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंटों और कार्यकर्ताओं के जरिए कैंप में सहयोग करने की अपील की है।उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे।
18 साल की उम्र पूरी करने वालों के लिए भी मौका
जिन पात्र भारतीय नागरिकों की उम्र 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या पूरी होने वाली है और जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणापत्र के जरिए नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एक परिवार, एक मतदान केंद्र की व्यवस्था
SIR के दौरान परिवार के सभी सदस्यों को एक ही मतदान केंद्र से जोड़ने की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। अगर परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर हैं या वर्तमान मतदान केंद्र घर से काफी दूर है, तो फॉर्म-8 के माध्यम से बदलाव के लिए आवेदन किया जा सकता है।
विदेशी नागरिकों के नाम शामिल होने पर सख्ती
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि SIR का उद्देश्य शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। कोई पात्र भारतीय नागरिक सूची से बाहर न हो और किसी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, इसके लिए राजनीतिक दलों, बीएलओ और आम नागरिकों से सहयोग मांगा गया है।बैठक में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए और SIR की प्रक्रिया में सहयोग का भरोसा दिलाया।

