Lifestyle Desk – पुरी के भगवान जगन्नाथ मंदिर में चढ़ाए जाने वाले खाजा की पहचान उसकी पतली परतों, कुरकुरी बनावट और हल्की चाशनी से होती है. घर पर भी इसे अच्छा बनाया जा सकता है, यदि आटा गूंधने, परतें बनाने और तलने के कुछ महत्वपूर्ण नियमों का ध्यान रखा जाए. तो इस बार रथयात्रा के दिन आप भी घर पर जगन्नाथ स्वामी को भोग लगाने के लिए घर पर खाजा बनाये इस विधि से.

सामग्री
मैदा – 2 कप
घी – 4–5 बड़े चम्मच (मोयन के लिए)
एक चुटकी नमक
आवश्यकतानुसार पानी
परतों के लिए
घी-2 बड़े चम्मच
कॉर्नफ्लोर या मैदा-2 बड़े चम्मच
चीनी-1 कप
पानी-½ कप
इलायची -2–3
विधि
- मैदा में घी का मोयन अच्छी तरह मिलाएं. फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त लेकिन चिकना आटा गूंध लें.
- आटे को ढककर 20–30 मिनट के लिए रख दें. घी और कॉर्नफ्लोर मिलाकर एक चिकना पेस्ट तैयार करें.
- आटे की 3–4 लोइयां बनाकर पतली रोटी बेलें. पहली रोटी पर घी-मैदा का पेस्ट लगाएं, दूसरी रोटी रखें, फिर पेस्ट लगाएं. इसी तरह सारी परतें तैयार करें.
- अब इसे कसकर रोल करें और 1–1½ इंच के टुकड़ों में काट लें. प्रत्येक टुकड़े को हल्के हाथ से दबाकर लंबाई में बेलें, ताकि परतें बनी रहें.
- मध्यम से धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. दूसरी ओर, चीनी और पानी मिलाकर एक हल्की एक-तार के आसपास की चाशनी तैयार करें. तले हुए खाजे को 1–2 मिनट तक चाशनी में डुबोकर निकाल लें और जाली पर ठंडा होने दें.
सबसे बड़ी गलती जिससे बचना चाहिए
खाजा बनाते समय तेज आंच पर तलना सबसे आम गलती है. तेज आंच पर बाहर की सतह जल्दी भूरी हो जाती है, लेकिन अंदर की परतें ठीक से नहीं पकतीं और कुरकुरी भी नहीं बनतीं. साथ ही, आटे को बहुत मुलायम गूंधने या परतों के बीच पर्याप्त घी-पेस्ट न लगाने से भी खस्ता परतें नहीं बन पातीं.
जरूरी टिप्स
- अच्छा मोयन डालें, इससे खस्ता बनावट आती है.
- परतें बनाते समय घी-पेस्ट समान रूप से फैलाएं.
- बेलते समय बहुत अधिक दबाव न डालें, नहीं तो परतें दब जाएंगी.
- तलने के बाद हल्की गर्म चाशनी में ही डुबोएं; बहुत गाढ़ी चाशनी खाजा को भारी बना सकती है.
- पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही डिब्बे में रखें, ताकि उसकी कुरकुराहट बनी रहे.

