Lifestyle Desk – रात के खाने में बनी उड़द की दाल अगर सुबह तक बच जाए, तो अक्सर लोग उसे दोबारा गर्म करके खाने से बचते हैं. कई बार यह दाल फेंक भी दी जाती है. लेकिन थोड़ी-सी रचनात्मकता के साथ यही बची हुई दाल स्वादिष्ट और कुरकुरी कचौड़ी में बदल सकती है. खास बात यह है कि इसमें अलग से स्टफिंग तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती. दाल को सीधे आटे में मिलाकर गूंधा जाता है, जिससे कचौड़ियां बाहर से खस्ता और अंदर से नरम बनती हैं. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.

सामग्री
उड़द की दाल -1 कप बची हुई
गेहूं का आटा-2 कप
सूजी -2-3 बड़े चम्मच
अजवाइन-1 छोटा चम्मच
जीरा-1/2 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर-1/2 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर-1/2 छोटा चम्मच
हल्दी-1/4 छोटा चम्मच
गरम मसाला-1/2 छोटा चम्मच
हरी मिर्च और हरा धनिया-बारीक कटी
नमक -स्वादानुसार
तेल या घी -1 बड़ा चम्मच (मोयन के लिए)
तलने के लिए तेल
विधि
- सबसे पहले बची हुई उड़द की दाल को अच्छी तरह चला लें. अगर दाल बहुत पतली है, तो उसे कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाकर गाढ़ा कर लें.
- अब एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, अजवाइन, जीरा, लाल मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर, गरम मसाला, हरी मिर्च, हरा धनिया और मोयन डालकर अच्छी तरह मिला लें.
- अब इसमें उड़द की दाल डालते हुए आटा गूंधें. जरूरत पड़ने पर ही थोड़ा-सा पानी डालें, क्योंकि दाल में पहले से नमी होती है. आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही बहुत मुलायम. इसे 15-20 मिनट ढककर रख दें.
- इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्के हाथ से बेल लें. चाहें तो बीच में थोड़ा-सा चाट मसाला या भुना जीरा पाउडर छिड़ककर भी स्वाद बढ़ा सकते हैं. एक कढ़ाही में तेल मध्यम आंच पर गर्म करें.
- जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो आंच को मध्यम-धीमी कर दें और कचौड़ियों को दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. तेज आंच पर तलने से कचौड़ियां ऊपर से जल्दी ब्राउन हो सकती हैं, लेकिन अंदर से अच्छी तरह नहीं पकेंगी.
- गरमा-गरम कचौड़ियों को आलू की सब्जी, हरी चटनी, इमली की मीठी चटनी, दही या अचार के साथ परोसें. सुबह के नाश्ते के अलावा इन्हें शाम की चाय के साथ भी परोसा जा सकता है.
ध्यान रखें
- दाल अगर पहले से बहुत मसालेदार है, तो आटे में मसाले कम डालें.
- दाल में नमक होने के कारण अतिरिक्त नमक डालते समय सावधानी रखें.
- कचौड़ियों को हमेशा मध्यम-धीमी आंच पर तलें, तभी वे हलवाई जैसी खस्ता बनेंगी.

