Ranthambore Drone Case: राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व के संवेदनशील कोर क्षेत्र स्थित अमरेश्वर महादेव मंदिर में बिना अनुमति निजी ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है। घटना सावन माह के दौरान हुई, जब मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जानकारी मिलने पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति पर 1,100 रुपये का जुर्माना लगाया और सोशल मीडिया से ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और फोटो हटवा दिए।

2 अगस्त को बनाया गया था ड्रोन वीडियो

जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त को एक सरकारी अधिकारी अपने दोस्तों के साथ अमरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रणथंभौर नेशनल पार्क के कोर एरिया में निजी ड्रोन उड़ाकर वीडियो रिकॉर्ड किया। वन विभाग के मुताबिक, ड्रोन उड़ाने के लिए विभाग या संबंधित प्राधिकरण से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी ड्रोन को उड़ते हुए देखा था।

सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ वीडियो

ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो 2 अगस्त को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। करीब 17 घंटे बाद रणथंभौर वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित अधिकारी से संपर्क किया और 3 अगस्त की सुबह वीडियो एवं फोटो सोशल मीडिया से हटा दिए गए।

वन विभाग ने की कार्रवाई

वन विभाग ने संबंधित व्यक्ति पर 1,100 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए सभी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की कार्रवाई भी की गई।

कार्रवाई पर उठे सवाल

घटना के बाद वन विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही मामला किसी आम व्यक्ति से जुड़ा होता तो उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा सकती थी।

डीएफओ ने क्या कहा?

रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि अमरेश्वर महादेव वन क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया था। सूचना मिलते ही संबंधित व्यक्ति से सोशल मीडिया पर साझा किए गए फोटो और वीडियो हटवाए गए तथा 1,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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