Business Desk – Mala IPO Listing Details : श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल्स के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की, लेकिन लिस्टिंग के कुछ ही देर बाद निवेशकों को झटका भी लगा। BSE SME पर 90 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट होने के बाद शेयर में तेज बिकवाली हुई और यह लोअर सर्किट पर पहुंच गया। ऐसे में जिन निवेशकों की नजर अब इस शेयर पर है, उनके लिए कंपनी की कारोबारी स्थिति और वित्तीय सेहत को समझना जरूरी है।

90% प्रीमियम के साथ हुई धमाकेदार लिस्टिंग
श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल्स का आईपीओ 70 रुपए प्रति शेयर के भाव पर आया था। बुधवार को BSE SME पर इसकी लिस्टिंग 133 रुपए पर हुई, यानी निवेशकों को करीब 90 फीसदी का लिस्टिंग गेन मिला। हालांकि शुरुआती तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और शेयर गिरकर 126.35 रुपए के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। इसके बावजूद IPO निवेशकों को करीब 80.50 फीसदी का फायदा बना हुआ है।
IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स
कंपनी का 19 करोड़ रुपए का IPO 22 जुलाई से 24 जुलाई तक खुला था। निवेशकों ने इसे शानदार प्रतिक्रिया दी और यह कुल 200.34 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 113.55 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 249.47 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 228.24 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने 10 रुपए फेस वैल्यू वाले 27 लाख नए शेयर जारी किए।
IPO से जुटाई रकम कहां होगी खर्च?
कंपनी IPO से जुटाए गए 19 करोड़ रुपए में से लगभग 16.50 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर खर्च करेगी। बाकी राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कार्यों और कारोबार के विस्तार में किया जाएगा।
क्या करती है कंपनी?
श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल्स कॉटन साड़ियों का निर्माण और थोक कारोबार करती है। कंपनी अपने उत्पाद ‘माला साड़ी’ ब्रांड के तहत बेचती है और पूरी तरह B2B मॉडल पर काम करती है। मार्च 2026 तक कंपनी के नेटवर्क में 105 ब्रोकर, 13 डीलर, 60 होलसेलर और करीब 3,000 रिटेलर जुड़े हुए थे। इसका मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात के जेतपुर में स्थित है।
कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति?
वित्त वर्ष 2023 से 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 54 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 5.85 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
हालांकि कंपनी की कुल आय में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कुल आय 195.89 करोड़ रुपए थी, जो वित्त वर्ष 2025 में घटकर 193.44 करोड़ रुपए हो गई। इसके बाद वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर 212.40 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल 69.08 करोड़ रुपए का कर्ज था, जबकि उसके रिजर्व और सरप्लस में 20.30 करोड़ रुपए मौजूद थे।
नई खरीदारी से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
शानदार लिस्टिंग के बावजूद पहले ही दिन शेयर में लोअर सर्किट लगना यह दिखाता है कि इसमें मुनाफावसूली का दबाव भी मौजूद है। IPO को मजबूत सब्सक्रिप्शन मिला और कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कर्ज का स्तर भी अपेक्षाकृत ऊंचा है।
ऐसे में नए निवेशकों को केवल लिस्टिंग गेन देखकर निवेश करने के बजाय कंपनी की कमाई, कर्ज, कारोबार की ग्रोथ और वैल्यूएशन का आकलन करने के बाद ही फैसला लेना चाहिए। SME शेयरों में उतार-चढ़ाव सामान्य शेयरों की तुलना में अधिक होता है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है।


