गुरुग्राम। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे होटल’ में हुए भीषण अग्निकांड (Delhi Flourish Stay Hotel fire accident) ने गुरुग्राम के एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। इस दर्दनाक हादसे में जिंदा जले अग्रवाल परिवार के सभी पांचों सदस्यों के शव आज पोस्टमॉर्टम के बाद उनके गुरुग्राम स्थित घर लाए गए। एक साथ घर पहुंची पांच लाशों को देखकर पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता और दो मासूम बेटियों जिविशा व वारिया की तड़पकर मौत हो गई।
बीमार पिता को देखने दिल्ली आए थे, सुबह नाश्ते के वक्त आई मौत
मिली जानकारी के मुताबिक, विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल दिल्ली के मैक्स अस्पताल (Max Hospital Delhi) में भर्ती हैं। उनकी हालत नाजुक है और वे वेंटिलेटर पर हैं। पिता का हालचाल जानने के लिए ही विवेक अपनी मां, पत्नी और दोनों बेटियों के साथ दिल्ली आए हुए थे। उनके मौसा-मौसी और मामा भी राजस्थान से दिल्ली पहुंचे थे।
ये सभी लोग मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे होटल (Malviya Nagar hotel tragedy) में ठहरे हुए थे। बुधवार सुबह जब पूरा परिवार होटल में ब्रेकफास्ट कर रहा था, उसी दौरान अचानक वहां भीषण आग भड़क गई। संकरी जगह और पुख्ता इंतजाम न होने के कारण किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और पूरा परिवार जिंदा जल गया।
पति नामी कंपनी में हेड थे, पत्नी रह चुकी थीं मिसेज इंडिया
इस हादसे ने एक बेहद होनहार और प्रतिष्ठित परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। जान गंवाने वाले विवेक अग्रवाल (CA Vivek Agarwal InsuranceDekho) ‘इंश्योरेंस देखो’ कंपनी में फाइनेंशियल हेड के पद पर कार्यरत थे। वहीं, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल (Tarjani Agarwal Mrs India 2023) फैशन और ग्लैमर जगत का बड़ा नाम थीं।
तर्जनी ने साल 2023 में ‘मिसेज इंडिया’ का प्रतिष्ठित खिताब जीता था और वे मॉडलिंग के साथ-साथ इवेंट मैनेजमेंट का काम भी देखती थीं। इसके अलावा वे गरीब व वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ (NGO for underprivileged children) भी चलाती थीं। करीबियों ने बताया कि तर्जनी जितनी अनुशासित थीं, उतनी ही अपने परिवार से जुड़ी हुई थीं।
कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
पांच मौतों की खबर से गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके (Sushant Lok Gurugram local news) में मातम पसरा हुआ है। विवेक अग्रवाल के पड़ोसी सतनारायण भारद्वाज और सुशीला भारद्वाज इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। सुशीला ने रोते हुए बताया कि वे विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल की पक्की सहेली थीं। दोनों रोज सुबह पार्क में साथ सैर करती थीं और सुख-दुख बांटती थीं। आज पूरा मोहल्ला और रिश्तेदार मिलकर भारी मन से पांचों का अंतिम संस्कार (cremation of Agarwal family Gurugram) करने की तैयारी कर रहे हैं।

