Mamata Banerjee Vs Kalyan Banerjee: बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी से हार मिलने के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में शुरू हुआ तूफान डेढ़ महीने बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस दो टुकड़ों में बंट चुकी है। विधायक और सांसद अपना-अपना गुट बना चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान का नजारा एक बार फिर दखने को मिला है। ‘शहीद दिवस’ रैली के दौरान मंच पर ही ममता बनर्जी और कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद कल्याण बनर्जी कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए। इस वाकये ने TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने एकबार फिर बागी होने के संकेत दे दिए हैं।

मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी गुट की ‘शहीद दिवस’ रैली में लगभग 23 मिनट का भाषण देने के तुरंत बाद मंच छोड़ दिया। उन्हें दिए गए वक्त से ज्यादा बोलने पर पार्टी प्रमुख के साथ उनकी बहस हुई थी और बाद में उन्होंने कहा कि वह इस घटना से ‘बहुत दुखी’ हैं।

ममता बनर्जी खेमे के मुताबिक, बिड़ला तारामंडल के पास हुई रैली में वक्ताओं की लिस्ट बहुत लंबी थी और सभी नेताओं को निर्देश दिया गया था कि वे अपने भाषण छोटे रखें ताकि सभी को बोलने का मौका मिल सके। हालांकि, कल्याण बनर्जी ने लगभग साढ़े 22 मिनट तक भाषण दिया और BJP के साथ-साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले अलग हुए तृणमूल गुट पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ही असली तृणमूल हैं। कल्याण बनर्जी भाषण दे रहे थे, तभी ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और उन्होंने उन्हें भाषण खत्म करने का इशारा किया। जब उन्होंने बोलना जारी रखा, तो ममता बनर्जी ने कथित तौर पर देरी पर नाराजगी जताई, जिससे थोड़ी बहस हुई। सांसद ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी या TMC प्रमुख के भाषण का इंतजार किए बिना मंच छोड़ दिया। मंच पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल से जाने से पहले कल्याण बनर्जी को पार्टी प्रमुख के साथ बहस करते हुए भी देखा गया था।

निर्धारित वक्त से ज्यादा बोलने के आरोपों को खारिज किया

निर्धारित वक्त से ज्यादा बोलने के आरोपों को खारिज करते हुए सेरामपुर के सांसद कल्याणा ने कहा, ‘मैंने अपने समय से ज़्यादा नहीं बोला। जब मैं बोल रहा था, तब अभिषेक बनर्जी मंच पर आए, इसलिए मुझे रुकना पड़ा. फिर दीदी आईं, और मैंने फिर से अपना भाषण रोक दिया। मैंने कभी भी अपने समय से ज़्यादा नहीं बोला। हालांकि मैं ऐसे अपमान का हकदार नहीं हूं। ऐसे व्यवहार से मुझे बहुत दुख हुआ है। जब बाकी सब चले गए हैं, तब मैं पार्टी के लिए इतनी मेहनत कर रहा हूं. मैं इसका हकदार नहीं हूं।

टीएमसी छोड़ सकते हैं कल्याण बनर्जी

बता दें कि कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी के सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगियों में गिने जाते रहे। वे अक्सर उनके आवास पर बैठकों में शामिल होते रहे और बागियों के खिलाफ सबसे मज़बूत आवाज़ बनकर उभरे। हालांकि, पार्टी के अंदर कल्याण बनर्जी के मतभेद भी रहे हैं। कल्याण बनर्जी कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए। इस वाकये ने TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने एकबार फिर बागी होने के संकेत दे दिए हैं।

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