पवन राय, मंडला। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़ाव स्थित श्रीजी इन होटल में शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। होटल की लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण 7 बच्चे करीब 15 से 20 मिनट तक अंदर ही फंसे रहे। उमस और घबराहट के कारण बच्चे पसीने से तर-बतर हो गए और चीखने-पुकारने लगे। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों ने लिफ्ट तोड़कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इसके बाद होटल संचालक की असंवेदनशीलता के कारण वहां जमकर हंगामा हुआ।
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सेलिब्रेशन के बाद घर लौटते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार बच्चे श्रीजी इन होटल में किसी उत्सव को सेलिब्रेट करने पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब सभी बच्चे वापस घर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए तभी अचानक लिफ्ट बीच में ही बंद हो गई। करीब 15-20 मिनट तक बच्चे लिफ्ट के भीतर ही कैद रहे जिससे उनकी जान आफत में आ गई।
बच्चों की जान से ज्यादा लिफ्ट की फिक्र, संचालक ने की बदसलूकी
जैसे ही बच्चों के लिफ्ट में फंसने की खबर परिजनों को लगी वे तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने बिना वक्त गंवाए लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। हैरान करने वाली बात यह रही कि बच्चों की जान बचने पर राहत जताने के बजाय होटल संचालक परिजनों पर ही भड़क गया। आरोप है कि संचालक को बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं थी, बल्कि वह टूटी हुई लिफ्ट को लेकर परिजनों से बदसलूकी और विवाद करने लगा।
परिजनों का कहना है कि बच्चे अंदर घुट रहे थे और पसीने-पसीने हो रहे थे। हमने मजबूरी में लिफ्ट तोड़ी लेकिन होटल संचालक को बच्चों की जान की नहीं अपनी लिफ्ट की फिक्र थी। वह हमारे साथ बदतमीजी करने लगा।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला कराया शांत
होटल संचालक के इस रवैये को देखकर परिजन और वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। जिसके बाद होटल परिसर में काफी देर तक हाई-वोल्टेज हंगामा चलता रहा। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सूझबूझ से काम लेते हुए दोनों पक्षों को समझाकर मामले को शांत कराया।

