Mangarh Dham National Memorial: राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और विभिन्न आदिवासी संगठनों के नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार की आलोचना की है। वहीं भाजपा ने भी इस मांग को दोबारा प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की बात कही है।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया दोहरी नीति का आरोप
बांसवाड़ा विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं देना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक ओर आदिवासी समाज के सम्मान की बात करती है, जबकि दूसरी ओर उनके सबसे बड़े आस्था स्थल को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से पीछे हट रही है। उन्होंने इसे भाजपा की दोहरी नीति बताया।
BAP ने भी फैसले का किया विरोध
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेता और पूर्व प्रत्याशी हेमंत राणा ने भी इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूज्य गोविंद गुरु के नेतृत्व में मानगढ़ धाम पर हजारों आदिवासी शहीद हुए थे और लंबे समय से आदिवासी समाज इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आदिवासी समाज के लोग मानगढ़ धाम पहुंचते हैं तथा इस मांग को दोहराते हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले, प्रधानमंत्री को फिर लिखेंगे पत्र
वहीं भाजपा बांसवाड़ा जिलाध्यक्ष पुंजीलाल गायरी ने कहा कि मानगढ़ धाम केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे बांसवाड़ा जिले की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री को पुनः पत्र लिखकर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
पढ़ें ये खबरें
- राजधानी के जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेपटरीः एक महीने से एक्स-रे मशीन बंद, मरीज हो रहे परेशान
- सुशील गर्वाण की रामलीला से जुड़ी अनोखी कहानी, 26 साल से निभा रहे हैं सेवा की परंपरा
- बुलंदशहर में रामलीला के दौरान नोट बांटने का वीडियो वायरल, लगे गंभीर आरोप
- Khappar Yatra 2026 : आधी रात हाथ में तलवार लेकर खप्पर रूप में निकली देवी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किए दर्शन
- राजगढ़ SP का अनोखा अंदाज! न काफिला, न सरकारी गाड़ी… स्कूटी से देर रात झांकियों का निरीक्षण करने निकले अमित तोलानी

