कुंदन कुमार/पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को लेकर एक तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने पीएम मोदी की कार्यशैली और कार्यकाल की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से करते हुए बड़ा बयान दिया है।

​नेहरू जैसी विरासत बनाना मुश्किल

​मनोज झा ने कहा कि किसी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की अवधि मायने नहीं रखती, बल्कि उसके द्वारा किए गए कार्यों की गहराई मायने रखती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए जो ऐतिहासिक कार्य और नींव तैयार की है उस स्तर तक पहुंचना या वैसा योगदान दे पाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए संभव नहीं है। उनके अनुसार नेहरू का विजन आधुनिक भारत की आधारशिला था जिसकी तुलना वर्तमान दौर से करना उचित नहीं है।

​निशांत कुमार पर बोले मनोज झा

​हाल के दिनों में निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता और उनके व्यक्तित्व को लेकर चल रहे विवाद पर भी मनोज झा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी व्यक्ति की योग्यता पर सवाल उठाने के लिए उसके ‘फिजिकल स्वरूप’ (शारीरिक बनावट) या निजी दिखावट को मुद्दा बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
​सांसद ने आगे कहा लोकतंत्र में चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि कोई व्यक्ति अपने दायित्वों (जिम्मेदारियों) का निर्वहन कैसे कर रहा है। योग्यता को शरीर के साथ जोड़कर देखना संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। झा ने आग्रह किया कि राजनीति में ऐसे व्यक्तिगत हमलों से बचकर विकास और शासन के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
​राजनीतिक गलियारों में मनोज झा के इन बयानों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां वे पीएम मोदी की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ व्यक्तिगत टिप्पणी की संस्कृति पर अंकुश लगाने की वकालत भी कर रहे हैं। यह बयान आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बन सकता है।