कुंदन कुमार, पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और लोकप्रिय नेता मनोज तिवारी ने कांग्रेस पार्टी और राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही, प्रशांत किशोर की हालिया बयानबाजी और राजनीतिक भाषा पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
कांग्रेस राज में वंदे मातरम को किया गया खंड-खंड: मनोज तिवारी
मनोज तिवारी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस प्रकार से उन्होंने वंदे मातरम का अपमान किया है, उसे देश की पूरी जनता ने अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की जनता ऐसे राष्ट्र विरोधी कृत्यों का करारा जवाब देगी और समय आने पर सबक सिखाएगी।
तिवारी ने इतिहास का हवाला देते हुए आगे कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल के दौरान वंदे मातरम को टुकड़ों में बांट दिया गया और इसके मूल स्वरूप के साथ समझौता किया गया। अब जब वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे पूरी गरिमा और पूर्ण रूप से गाने की व्यवस्था लागू की है, तो कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करने पर उतर आई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का यह विरोध ऐसा प्रतीत कराता है जैसे यह राष्ट्रगीत किसी राजनीतिक दल यानी भारतीय जनता पार्टी ने खुद गढ़ा हो, जबकि यह भारत की अस्मिता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है।
प्रशांत किशोर की जीत पर तंज और उनकी भाषा पर तीखा सवाल
वंदे मातरम के मुद्दे के बाद मनोज तिवारी ने हाल ही में चुनावी जीत हासिल करने और शपथ लेने वाले रणनीतिकार प्रशांत किशोर के रवैये की भी कड़ी आलोचना की। तिवारी ने कहा कि वह प्रशांत किशोर को चुनाव जीतने और शपथ लेने पर बधाई देते हैं, लेकिन जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल वह कर रहे हैं, वह किसी भी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मनोज तिवारी ने विनम्रता को राजनीति का गहना बताते हुए कहा कि आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद व्यक्ति का स्वभाव अधिक विनम्र और सहनशील हो जाता है, लेकिन प्रशांत किशोर की भाषा और उनके तेवर में अहंकार साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि अहंकार की यह राजनीति लंबे समय तक नहीं टिकती।
एक चुनाव जीतने के बाद चढ़ गया है अहंकार
मनोज तिवारी ने अपने राजनीतिक सफर और योगदान का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए और यह पता होना चाहिए कि मनोज तिवारी को लेकर वे जो अनर्गल बयानबाजी करते हैं, वह बिल्कुल गलत है।
तिवारी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे तीन-तीन बार लगातार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और जनता का अपार समर्थन उनके साथ है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि प्रशांत किशोर अभी उनकी बराबरी करने की बात करते हैं, जबकि उन्हें यह तक नहीं पता कि मनोज तिवारी ने अपने सार्वजनिक जीवन में कितने जमीनी कार्यकर्ताओं और लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया है। तिवारी ने अंत में जोर देकर कहा कि जीवन में केवल एक चुनाव जीत जाने मात्र से किसी को भी इस तरह की अहंकारी भाषा का प्रयोग करने का अधिकार नहीं मिल जाता और उनकी यह कार्यशैली व भाषा शैली कहीं से भी सही नहीं है।


