कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक शख्स की गन्ने की चरखी से फंसकर उंगली कट गई। लेकिन उसने एसपी ऑफिस पहुंचकर पत्नी पर उंगली काटने का आरोप लगा दिया। युवक ने उसे फंसाने के लिए यह पूरी झूठी कहानी गढ़ी थी और बच्चों को भी डरा-धमकाकर झूठा बयान दिलवाया था। चीनोर पुलिस ने बीते दिनों हुए इस कांड का पर्दाफाश किया है।
दरअसल, बीते कुछ दिन पहले चीनोर में रहने वाला संजीव उर्फ सोनू सरदार बच्चों समेत SP ऑफिस पहुंचा था। उसने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी जयश्री उसके साथ सरकारी टीचर बनने के बाद बीते 5 साल से नहीं रह रही है। जब वह उसे लेने 27 मार्च को गया तो उसकी पत्नी, साढू रवि जाटव और साले सुनील भटनागर ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसकी उंगली काट दी गई।
युवक ने चीनोर थाना पुलिस पर भी सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए थे। उसके साथ आए बच्चों ने भी पिता संजीव की बातों की सही बताया था। Lalluram.com में खबर प्रकाशित होने के बाद सीनियर पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे, जिसमें अब बड़ा खुलासा हुआ है।

चीनोर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि संजीव सिंह के पिता से हुई पूछताछ में सामने आया कि संजीव उर्फ सोनू सरदार नशे का आदी है। वह पत्नी से मारपीट करता था और बच्चों को भी पीटता था। यहां तक कि माता पिता को भी पीटा करता था। ऐसे में पत्नी जयश्री उससे परेशान होकर घर छोड़कर चली गई।

उन्होंने यह भी बताया कि सोनू सरदार के ऊपर गंभीर अपराध दर्ज हैं। उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। कुछ दिनों पहले उसने शीतला माता मंदिर पर डेली की दिहाड़ी पर गन्ने की रस निकालने वाली चरखी की दुकान पर काम किया था। इस दौरान नशे में होने के चलते उसकी दो उंगली चरखी में आकर कट गई थी।
SP ऑफिस में शिकायत वाले दिन भी वह माता-पिता की पिटाई करके आया था। उसके डर में ही बच्चे सहमे हुए दबाव में उसके साथ आए थे। SP ऑफिस के बाद वह बिना टिकिट दिलाए बच्चों को बस में अकेले छोड़कर चला गया। पैसे न होने पर चालक ने बच्चों को रास्ते में बस से उतार दिया था। कुछ स्थानीय लोगों ने रुपये देकर बच्चों को घर तक पहुंचाया। सोनू सरदार के पिता की शिकायत पर धारा 151 की कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

