पटना। असम के जोरहाट में 13 जून को हुए वायुसेना विमान हादसे में जहानाबाद के जाबांज फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत के बाद अब उनके परिवार में मुआवजे की राशि को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने बहू श्रेया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुआवजे के चेक को लेकर विवाद
अमरेंद्र शर्मा का आरोप है कि बिहार सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक हुलासगंज के अंचल अधिकारी (CO) की मिलीभगत से श्रेया ने गुप्त रूप से हासिल कर लिया। पिता के अनुसार उन्हें या उनके परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। श्रेया यह चेक लेकर अपने मायके चली गईं। पिता का दर्द है कि यदि वह शुभम की पत्नी थी तो उन्हें इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था।
मुलाकात और कोर्ट मैरिज का सच
शुभम के पिता ने बताया कि 2025 में जब उन्होंने बेटे के लिए रिश्ता देखा तो शुभम ने खुद पसंद के बारे में बताया। वह भी सेना में लेफ्टिनेंट थी जिससे परिवार खुश था। दिसंबर 2025 में शादी तय थी लेकिन दादी के निधन के कारण इसे एक साल के लिए टाल दिया गया। हालांकि बाद में पता चला कि श्रेया ने शुभम को बरगलाकर अहमदाबाद में कोर्ट मैरिज कर ली थी। पिता का आरोप है कि अंतिम संस्कार के दिन श्रेया मास्क लगाकर पहुंची थी और उसके व्यवहार में कोई संवेदना नहीं दिख रही थी।
अधूरे रहे शुभम के सपने
शुभम का परिवार आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा है। बेटे के सेना में जाने के बाद घर बनाने के लिए उन्होंने बैंक से कर्ज लिया था जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। फिलहाल परिवार टीन की छत वाले घर में रहने को मजबूर है। 14 जून को गयाजी के विष्णुपद श्मशान घाट पर शहीद को उनके छोटे भाई ने अंतिम विदाई दी थी। इस मामले में हुलासगंज CO से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। यह दुखद प्रकरण अब प्रशासनिक और पारिवारिक जांच के घेरे में है।

