अभय मिश्रा, मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में जनसमस्याओं का अंबार लगा हुआ है, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया है। सड़कों पर हादसे हो रहे हैं, पंचायतों का विकास फंड अटका है और गांवों में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। इन तमाम जनहित के मुद्दों को लेकर मऊगंज के पूर्व कांग्रेस विधायक सुखेंद्र सिंह ‘बन्ना’ ने सीधे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कार्यकर्ताओं की भारी फौज के साथ कलेक्टर और एसपी दफ्तर पहुंचे पूर्व विधायक ने न सिर्फ व्यवस्था को सुधरने की मोहलत दी है, बल्कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भी आड़े हाथों लिया है।

मऊगंज की बदहाल व्यवस्था और जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि बुनियादी सुविधाओं के लिए भी आम जनता तरस रही है। इसी आक्रोश को लेकर पूर्व कांग्रेस विधायक सुखेंद्र सिंह ‘बन्ना’ ने भारी लाव-लश्कर के साथ कलेक्टर संजय जैन और एसपी सुरेंद्र जैन से मुलाकात की और समस्याओं का पुलिंदा सौंप दिया।

दो टूक शब्दों में की ये मांग

बन्ना के इस तेवर के केंद्र में है मऊगंज-हनुमना मार्ग का NH-135। बराव बाईपास और मोटवा पहड़ी क्षेत्र अब ‘ब्लैक स्पॉट’ में तब्दील हो चुके हैं, जहां आए दिन हादसों में बेकसूर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। पूर्व विधायक ने दो टूक शब्दों में यहां स्पीड ब्रेकर और ओवरब्रिज निर्माण की मांग की है। समस्या सिर्फ सड़क की नहीं है, बारिश सिर पर है और मऊगंज-हनुमना की नालियां चोक हैं। अगर समय रहते जल निकासी दुरुस्त नहीं हुई, तो पूरा शहर टापू बन जाएगा।

जनपद पंचायतों का विकास ठप

ग्रामीण इलाकों का हाल और भी बदतर है। 15वें वित्त आयोग की राशि का अनुमोदन न होने से जनपद पंचायतों का विकास पूरी तरह ठप पड़ा है। ऊपर से बिजली विभाग की लापरवाही ने ग्रामीण क्षेत्र को अंधेरे में धकेल दिया है। जर्जर तार और फूके हुए ट्रांसफार्मर गवाही दे रहे हैं कि मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। वहीं दूसरी तरफ, मऊगंज की शांत वादियों में अवैध शराब का जहर घोला जा रहा है, जिस पर पुलिस और आबकारी अमला मूकदर्शक बना बैठा है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

बात सिर्फ व्यवस्था की नहीं, गरीबों के हक की भी है। नगर परिषद मऊगंज के वार्ड क्रमांक-11 में पुनर्वासित हरिजन और पीड़ित परिवार आज भी अपने आशियाने और उचित मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। भूमिहीनों को आवास देने वाली सूची फाइलों में दबी धूल फांक रही है। पूर्व विधायक ने साफ कहा है कि अगर पात्र हितग्राहियों को उनका हक और नियमित पेयजल की आपूर्ति नहीं मिली, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।

सीएम की टिप्पणी पर निंदा

इस ज्ञापन के जरिए सिर्फ प्रशासनिक विफलता को ही नहीं घेरा गया, बल्कि सूबे के मुखिया पर भी सीधा सियासी हमला बोला गया है। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने सीएम डॉ मोहन यादव के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की। बन्ना ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री को अपने शब्दों के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए, वरना यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है।

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