राकेश चतुर्वेदी, भोपाल।मई का महीना भी गुजर गया, लेकिन अब तक मध्य प्रदेश में बीजेपी की कार्यसमिति की घोषणा अब तक नहीं हो सकी है। पहले अप्रैल फिर मई में कार्यसमिति जारी करने का दावा किया गया था। लेकिन मई का महीने पूरा होते होते कार्यसमिति की सूची जारी नहीं हुई। बताया जा रहा है कि भाजपा की कार्यसमिति पर सिफारिशें भारी पड़ रही है।
एमपी बीजेपी की कार्यसमिति मई महीने में भी जारी नहीं हो सकी। जिससे कार्यकर्ताओं का इंताजर बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछला चुनाव हारे और टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं के नाम ज्यादा है। साल 2020 से 2023 के बीच सिंधिया समर्थकों को अधिक योगदान मिला है। इस बार नियमों के अनुसार ही छोटी कार्यसमिति लाने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि नामों पर सामंजस्य नहीं बन पाने के कारण सूची ही अटक गई है।
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आपको बता दें कि साल 2021 में 403 लोगों की जंबो कार्यसमिति बनी थी। अकेले विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या ही 218 थी। इस बार नियमानुसार अधिकतम इतने नेता एडजस्ट हो सकेंगे।
- मुख्य कार्यसमिति सदस्य- 106
- स्थाई आमंत्रित सदस्य- 25
- विशेष आमंत्रित सदस्य- 26
कांग्रेस बोली- सिंधिया के कारण सूची अटकी, बीजेपी ने कही ये बात
बीजेपी की कार्यसमिति अटकने पर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने कहा कि भाजपा की कार्यसमिति पर गुटबाजी भारी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समर्थकों की लंबी-चौड़ी सूची बीजेपी को दी है। सिंधिया के कारण सूची अटकी है। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी गुटों में बंटी हुई है। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया ने कहा कि समय के साथ सब होगा। सर्वसम्मति से कार्यसमिति जारी होगी। लगातार नियुक्तियों का दौर चल रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द कार्यसमिति भी आएगी।

