बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और नेता रंधीर सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही मायावती ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पुनः पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है।
सतीश सिंह, लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता रंधीर सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। रविवार को मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी सात बिंदुओं के बयान में दोनों नेताओं पर अनुशासनहीनता, पार्टी के दिशा-निर्देशों की अनदेखी और जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन न करने का आरोप लगाया।
अशोक सिद्धार्थ पर कार्रवाई का कारण
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र में टिकट बंटवारे को लेकर समन्वय की कमी के चलते पार्टी से निकाला गया था। बाद में उन्हें एक और अवसर दिया गया और उत्तर प्रदेश की बजाय दूसरे राज्यों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
लेकिन कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित जिन राज्यों की जिम्मेदारी उन्हें दी गई, वहां भी लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से भटकने की शिकायतें मिलती रहीं। कई बार चेतावनी देने के बावजूद सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद पहले सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
यूपी वापसी की खबरों को बताया भ्रामक
बसपा प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ के उत्तर प्रदेश में वापसी की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी अफवाहें फैलाकर आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
रंधीर सिंह बेनीवाल पर भी एक्शन
मायावती ने रंधीर सिंह बेनीवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कोऑर्डिनेटर रहते हुए उनके खिलाफ भी लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं।इसलिए उन्हें भी सभी जिम्मेदारियों से हटाने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
रामजी गौतम को सौंपी पंजाब की कमान
इसके साथ ही मायावती ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब का पुनः प्रभारी बनाया गया है और वे आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव तक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
बसपा सुप्रीमो ने यह भी घोषणा की कि अब उत्तर प्रदेश के निवासी किसी भी वरिष्ठ पदाधिकारी या कोऑर्डिनेटर को यूपी संगठन की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, यदि वह पहले से दूसरे राज्यों में पार्टी का काम देख रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने तथा पार्टी विरोधी तत्वों के बहकावे में न आने की अपील भी की।


