Students protest Over JPSC-JSSC Irregularities In Ranchi: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्र आर-पार के मूड में आ गए हैं। आंदोलनकारी राम अवतार महतो के नेतृत्व में छात्र जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। JPSC-JSSC गड़बड़ी को लेकर छात्र रांची की सड़कों पर उतरे। छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर फिर से परीक्षा कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार पर आंदोलन खत्म करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया।
इधर आंदोलन में राजनीति पार्टी की एंट्री के बाद आंदोलन दो गुट में बंट गया है। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी युवा न्याय मंच के छात्रों ने शनिवार को अपना अलग मंच बनाया। साथ ही कथित उपद्रवियों के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराकर सुरक्षा की मांग की।
जेपीएससी-जेएसएससी युवा न्याय मंच के छात्रों ने मुख्य गेट की ओर अपना मंच सजाया। शाम को बड़ी संख्या में छात्रों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद देर शाम को छात्रों ने मोबाइल प्लैश लाइट मार्च किया। यह मार्च स्टेडियम परिसर में ही किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी मांगें दोहराते हुए 14वीं जेपीएससी, सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग दोहरायी। साथ ही मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात कही।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया तथा युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है। आंदोलन के क्रम में छात्रों द्वारा एक व्यंग्यात्मक नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। इस नाटक के माध्यम से जेएसएससी के सचिव, गिरफ्तार कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी और सरकार पर परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया में कथित धांधली को लेकर व्यंग्य किया ।
आदिवासी छात्र संघ ने डोमिसाइल नीति अविलंब घोषित करने की मांग की
इधर आदिवासी छात्र संघ केंद्रीय समिति के सदस्यों ने शनिवार को जेपीएससी व जेएसएससी मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रेस वार्ता कर सदस्यों ने इस अनियमितता में संलिप्त पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।संघ सदस्यों ने कहा कि 1932 का खतियान आधारित डोमिसाइल नीति अविलंब घोषित की जाए। आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सदन में इसे पारित कर दिया गया है। लेकिन केंद्र सरकार ने रोक लगा रखी है। इसके चलते प्रतियोगिता परीक्षाओं में अन्य राज्य के लोग भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में कलस्टर प्रणाली बंद करने व पूर्व की भांति भाषा की पढ़ाई कराने की मांग की।
पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


