मायावती ने युवाओं से सत्ता और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष से दूर रहने की अपील की. उन्होंने छात्रों, नौजवानों और वंचित वर्गों के हित में बसपा को मजबूत करने का आह्वान किया.

सतीश सिंह, लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को छात्रों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से संसद में सत्ता और विपक्ष देश के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं कर रहे हैं, जिसका सबसे अधिक नुकसान छात्रों, नौजवानों और आम जनता को हो रहा है.

प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान मायावती ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में बसपा हमेशा छात्रों और नौजवानों के साथ खड़ी रही है और देश में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि उनकी समस्याओं के लिए कोई उनके साथ नहीं है.

आंदोलनों पर राजनीति का आरोप

मायावती ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपने हाथ में ले लिया है, जिससे संसद की कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि एक ओर कुछ आंदोलन खत्म हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संसद नहीं चल पा रही है.

झारखंड में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि वहां कांग्रेस और उसके सहयोगी दल छात्रों की आवाज नहीं उठा रहे हैं, जबकि अब भाजपा उस आंदोलन को अपने हाथ में लेने का प्रयास कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल युवाओं की समस्याओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित के लिए कर रहे हैं.

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सत्ता-विपक्ष से दूर रहें युवा

बसपा प्रमुख ने देश के युवाओं से सत्ता और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि युवाओं को सावधान रहना चाहिए कि उनके आंदोलनों की आड़ में कोई राजनीतिक दल अपना फायदा न उठा ले.

मायावती ने बसपा शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में छात्र और नौजवान निराश नहीं हुए. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने छात्रों की समस्याओं का समय से समाधान किया और लंबे समय से प्रभावित विभागीय कार्यों को गति दी.

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सरकारी नौकरियों का जिक्र

मायावती ने कहा कि बसपा सरकार के दौरान पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में नए सरकारी पद सृजित किए गए और युवाओं को रोजगार के अवसर दिए गए. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में युवाओं के हितों को प्राथमिकता दी गई.

उन्होंने निजी क्षेत्र में बढ़ते रोजगार को लेकर भी चिंता जताई. मायावती ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर कर निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पूंजीपति और धनाढ्य वर्ग को फायदा हो रहा है.

निजी क्षेत्र में आरक्षण

मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा निजी क्षेत्र के विरोध में नहीं है. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी वंचित वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर वर्गों को फिर से पीछे धकेलने की साजिश हो रही है. मायावती ने उत्तर प्रदेश के लोगों से सतर्क रहने और बसपा के साथ आने की अपील की.

सर्वसमाज से साथ आने की अपील

मायावती ने कहा कि बसपा सरकार में किसी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया गया और सामाजिक स्तर पर सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया गया. उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति के तहत काम करती है.

आगामी चुनावों को लेकर मायावती ने सर्वसमाज से बसपा के साथ आने की अपील की. उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, आदिवासी, किसान, मजदूर और समाज के अन्य वर्गों को बेहतर जीवन और सम्मान मिल सके, इसके लिए बसपा को मजबूत करना जरूरी है.

मायावती ने कहा कि आने वाले समय में होने वाले चुनावों को देखते हुए सर्वसमाज को अपने हितों के बारे में सोचकर निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि बसपा ही ऐसी पार्टी है जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर सर्वजन हिताय की नीति के साथ काम करती है.