अनिल शर्मा, बराड़ा. विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संत मोहन सिंह पब्लिक स्कूल बराड़ा में उपमंडल अधिकारी (ना.) सतीन्द्र सिवाच की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विद्यालय के प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान उपमंडल अधिकारी ने शिक्षकों से उनके विषयों से जुड़ी समस्याओं, सुझावों तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी रणनीतियां तैयार की जाएं और कक्षा में उनकी सहभागिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही आधुनिक एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्लोगन लेखन, टेलीग्राफिक्स, ड्राइंग, पेंटिंग एवं कार्ड मेकिंग जैसी प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए मोटिवेशनल लेक्चर, योग एवं खेल गतिविधियों को भी नियमित रूप से शामिल करने की बात कही गई। डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर बल देते हुए विद्यालय में कंप्यूटर, पुस्तकों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विज्ञान प्रदर्शनी (एक्सिबिशन) तथा शैक्षणिक भ्रमण (एजुकेशनल विजिट) आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। दाखिला बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार, मैगजीन एवं पंपलेट के माध्यम से जागरूकता फैलाने तथा नियम 134 ए के तहत दाखिले संबंधी जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
अनुशासन एवं उपस्थिति में सुधार के लिए अभिभावकों की भागीदारी को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा में माता-पिता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विद्यालय प्रबंधन को लैब, खेल सामग्री एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए,
वहीं कैंटीन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपमंडल अधिकारी सतीन्द्र सिवाच ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं नवाचार के माध्यम से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है, जिसके लिए प्रशासन, शिक्षक एवं अभिभावकों का सामूहिक प्रयास आवश्यक है।

