Rajasthan News: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को खीरे की खेती के लिए 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। हालांकि मंत्री का कहना है कि उन्होंने एक किसान के तौर पर योजना का लाभ लिया है और पूरी प्रक्रिया में सभी सरकारी गाइडलाइन का पालन किया है।

NHB की योजना के तहत मिली मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के पुष्कर के पास स्थित भागीरथ चौधरी का 16,592 वर्गमीटर में फैला खीरे की खेती का प्रोजेक्ट वर्ष 2025 में नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (National Horticulture Board-NHB) द्वारा मंजूर किए गए 467 प्रोजेक्ट्स में शामिल था।
यह सब्सिडी मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (Mission for Integrated Development of Horticulture-MIDH) के तहत संचालित योजना के जरिए दी गई।
सभी नियमों का पालन किया
भागीरथ चौधरी ने कहा कि वह पहले से खेती करते आए हैं और इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने सभी सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किया। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 2 करोड़ रुपये का बैंक लोन (Bank Loan) लिया और पात्रता पूरी होने के बाद ही उन्हें सब्सिडी मिली।
प्रोजेक्ट पूरी तरह पारदर्शी
मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट में कुछ भी नहीं छिपाया। खेत पर एक सूचना बोर्ड (Display Board) लगाया गया है, जिसमें प्रोजेक्ट की लागत और मिली सब्सिडी की पूरी जानकारी दर्ज है। उनका कहना है कि इससे दूसरे किसान भी आधुनिक खेती के लिए प्रेरित होंगे।
पानी बचाने पर जोर
भागीरथ चौधरी ने बताया कि उनके क्षेत्र में भूजल स्तर (Ground Water Level) लगातार गिर रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने करीब 2 करोड़ लीटर क्षमता वाले चार फार्म पॉन्ड (Farm Ponds) बनवाए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा किया जाता है। इसी पानी से करीब 60 बीघा जमीन की सिंचाई की जा रही है।
हर पात्र किसान को मिल सकती है सब्सिडी
मंत्री ने कहा कि जमीन उनके नाम पर है और सब्सिडी भी उन्हें नियमों के तहत मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार डीएपी (DAP) और यूरिया (Urea) समेत कई कृषि योजनाओं में सब्सिडी देती है। उसी तरह आधुनिक खेती के लिए भी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाता है।
दूसरे किसानों को प्रेरित करना चाहता हूं
भागीरथ चौधरी ने कहा कि उनका उद्देश्य आधुनिक खेती (Modern Farming) और जल संरक्षण (Water Conservation) को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आरोप लगा सकता है, लेकिन उन्होंने पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की है और पूरी पारदर्शिता के साथ योजना का लाभ लिया है।
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