प्रमोद कुमार, कैमूर। बिहार सरकार के उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह टाइगर आज मंगलवार (19 मई) को कैमूर पहुंचे, जहां उन्होंने मोहनियां चैनपुर भभुआ भगवानपुर में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि, लाभकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जाय, इसके लिए आप जनता के द्वार पर खुद जिला प्रशासन आएगी। जनता को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जल्द लाभ मिले, उनकी समस्याओं का निपटारा हो। इसके लिए ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन आज पूरे बिहार में हुआ है।

‘जहन्नुम में जाने को तैयार रहे अपराधी’

इस दौरान मंत्री संजय सिंह टाइगर ने बिहार में बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि, बिहार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, अपराधी अपराध छोड़ दे या बिहार छोड दे। नहीं तो जहन्नुम में जाने को तैयार रहे।

शिक्षा मंत्री से जुड़े भ्रष्टाचार के सवाल पर जवाब

बिहार के शिक्षा मंत्री पर एक स्कूल से जुड़ा भ्रष्टाचार का आरोप है। निगरानी ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, उसे ही बिहार में मंत्री बनाया गया? इस सवाल पर जबाब देते हुए मंत्री संजय सिंह टाईगर कहा कि, उन्हें जानकारी नहीं है। क्या आरोप है? क्या मामला है ? जो भी है…यदि मुख्यमंत्री जी अपने मंत्री मंडल में शामिल किया है, तो सोच समझ कर ही किया होगा। इसमें कितनी सत्यता है। यह जांच का विषय है। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं।

निशांत और दीपक के मंत्री बनने पर कही ये बात

क्या बिहार की एनडीए सरकार नेताओं के बच्चों के लिए कुटीर उद्योग है। क्योंकि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश किसी सदन का सदस्य नहीं है। फिर भी मंत्री बन गए। इसपर मंत्री संजय सिंह टाईगर का कहना था कि संविधान में ऐसा प्रवधान है कि छह माह के भीतर चुनाव जीतना होता है, जो भी मंत्री बने हैं। किसी ने संविधान का उलंघन नहीं किया है।

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