दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में आदिवासियों का भारी जनआक्रोश देखने को मिला। ‘हमारा गांव संगठन’ के नेतृत्व में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पीपल चौक पर इकट्ठा हुए और वहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट गेट का घेराव कर दिया। मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है।

ये भी पढ़ें : जनजाति विकास कार्यशाला में मंत्री का दावा: विजय शाह बोले- स्कूलों में बंट रहीं 50 हजार पानी की बोतलें, गांवों में लगेंगे RO- वॉटर कूलर, लड़कियों के लिए 4 बसें संचालित

फॉरेस्ट SDO अनिल विश्वकर्मा के खिलाफ खोला मोर्चा

वन विभाग के फॉरेस्ट SDO अनिल विश्वकर्मा के खिलाफ आदिवासियों का गुस्सा देखने को मिला। आदिवासी समाज और ‘हमारा गांव संगठन’ ने वन विभाग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वनग्राम के सीधे-साधे लोगों और वनपट्टा धारकों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि खेती-किसानी करने वाले आदिवासी ग्रामीणों को अपनी ही जमीन पर वन विभाग द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है। यही नहीं उन्होंने अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने और अवैध वन कटाई को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाया।

ये भी पढ़ें : Nursing College Scam Case: CMHO ऑफिस में लोकायुक्त का छापा, लाखों की स्टाइपेंड राशि का गबन

प्रशासन को ज्ञापन सौंपने से किया इनकार, आर-पार की लड़ाई

तनाव को देखते हुए मौके पर प्रशासनिक टीम (ADM और सिटी मजिस्ट्रेट) ज्ञापन लेने पहुंची थी, लेकिन आंदोलनकारी आदिवासियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से साफ इनकार कर दिया। आदिवासी संगठन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आए। आंदोलनकारियों का कहना है कि ‘जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, यह अनिश्चितकालीन धरना इसी तरह जारी रहेगा। अत्याचार और अन्याय के खिलाफ अब समाज पीछे नहीं हटने वाला।‘

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m