राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जनजाति विकास अवधारणा कार्यशाला हुई। कार्यशाला में मंत्री विजय शाह ने बड़ा दावा किया कि- विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों में 50 हजार पानी की बॉटल वितरित की जा रही हैं।
पहली से कक्षा बारहवीं तक 45 हज़ार बच्चों को शुद्ध पेयजल के लिए पानी की बॉटल प्रदान की जा रही हैं।

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पायलट प्रोजेक्ट के तहत 4 बसें संचालित

150 ग्राम पंचायतों में वॉटर कूलर और आरओ लगाए जा रहे हैं, इससे हर गांव हर स्कूल में शुद्ध पेयजल सुलभ होगा। लड़कियों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत 4 बसें संचालित की जा रही हैं। इससे कॉलेज जाने वाली बालिकाओं की संख्या 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है

सरकार सबसे दूर, सबसे पहले अभियान

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने जनजाति समाज के अभाव और पीड़ा को समझा है। उसे दूर करने के लिए ठोस नीतियां बनाईं है। जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष जैसी पहल हुई है। अधिकारी सतत् रूप से गांव और वनवासी अंचल के बीच जाएं। आदिवासियों के जीवन को नजदीक से देखें। सरकार सबसे दूर, सबसे पहले अभियान चला रही है। इनके जरिए 18 विभागों की 25 सेवाओं का लाभ जनजाति वर्ग के ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

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