बलवंत भट्ट, मंदसौर। शासकीय नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों को मिलने वाली स्टाईपेंड की राशि उन्हें ना देकर ठेकेदार को दे दी गई है और यही नहीं प्रबंधन द्वारा छात्राओं से ही राशि वसूल ली गई। मामले की शिकायत होते ही लोकायुक्त की टीम CMHO कार्यालय पहुंची और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की।

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क्या है पूरा मामला?

मामला मंदसौर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज का है। जहां 57 छात्राओं को मिलने वाली स्टाईपेंड की राशि ही हड़प ली गई। छात्राओं के मिलने वाली 4 माह की स्टाइपेंड राशि 7 लाख 98 हजार रूपए ठेकेदार को दे दी गई। यही नहीं प्रबंधन ने इसके बाद छात्राओं से 8060 रूपए वसूलना चालू कर दिया। इसका आदेश खुद CMHO ने जारी किया।

ठेकेदार को किया गया भुगतान

बताया जा रहा है कि नियम के अनुसार भोजनशाला ठेकेदार के तीन माह का बिल करीब 3 लाख 76 हजार रूपए हो रहा था। जिसे जमा करने के लिए CMHO ने आदेश देकर हर एक छात्रा से 8060 रूपए वसूली करवाया और ठेकेदार को 7 लाख 98 हजार रूपए पेमेंट कर दिए।

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अधिकारियों के अवकाश से जांच अधूरी

मामले की शिकायत मिलते ही उज्जैन लोकायुक्त की टीम मंदसौर पहुंची और CMHO सहित अकाउंटेंट से पूछताछ की। मामले को लेकर CMHO डॉ. जी एस चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्टाइपेंड की शिकायत को लेकर लोकायुक्त की टीम जांच कर रही है। उन्होंने भी यहां जांच के लिए करीब एक माह पहले एक सप्ताह का समय दिया था लेकिन अधिकारियों के अवकाश पर होने के चलते जांच पूरी नहीं हुई।

दोषियों पर होगी कार्रवाई- लोकायुक्त

लोकायुक्त DSP राजेश पाठक के मुताबिक भोजनशाला में गड़बड़ी के मामले की शिकायत उन्हें मिली थी। जिस संबंध में टीम जांच कर रही हैं। शिकायत के सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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