हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में 16 साल की नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। डॉ. अंबेडकर नगर, इंदौर के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी गोकुल उम्र 21 वर्ष को पॉक्सो एक्ट की धाराओं में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है।अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत भी 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कुल 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
स्कूल जाने के नाम पर निकली थी, फिर नहीं लौटी
अभियोजन के मुताबिक 3 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 9 बजे 16 वर्षीय बालिका स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। शाम करीब 4 बजे तक वह घर नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।परिजन स्कूल पहुंचे, लेकिन वहां छुट्टी होने के कारण स्कूल बंद था। रिश्तेदारी और आसपास तलाश करने के बावजूद बालिका का कोई पता नहीं चला। इसके बाद 4 अक्टूबर को बड़गोंदा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। करीब दो महीने बाद 17 दिसंबर 2025 को बालिका को दस्तयाब किया गया। पुलिस के सामने दिए गए बयान में बालिका ने आरोपी गोकुल द्वारा उसे बहला-फुसलाकर उज्जैन ले जाने और शादी का झांसा देकर उसके साथ एक से अधिक बार दुष्कृत्य किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 87, 64(2)(एम) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
8 गवाहों की गवाही, कोर्ट ने माना दोषी
मामले की जांच के दौरान बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया गया। घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोजन ने न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया। अभियोजन की ओर से मामले में 8 गवाहों के बयान कराए गए। अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।
पीड़िता के लिए एक लाख रुपये की अनुशंसा
अदालत ने पीड़िता को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत एक लाख रुपये की राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है।मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ज्योति अजमेरा ने पैरवी की। अभियोजन संचालनालय के अनुसार 24 अगस्त 2026 को अदालत ने यह फैसला सुनाया।
नाबालिग से अपराध पर कोर्ट का सख्त संदेश
इस मामले में अदालत की सजा नाबालिग के खिलाफ गंभीर यौन अपराधों को लेकर न्यायिक सख्ती को सामने लाती है। शादी का झांसा देकर नाबालिग को घर से ले जाना और उसके साथ दुष्कर्म करना आरोपी को भारी पड़ा। दालत ने 20-20 साल की सजा के साथ आर्थिक दंड भी लगाया है।
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