पटना। बिहार के बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दक्षिण बिहार की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया है। इन विकास कार्यों के शुरू होने से राजधानी पटना से लेकर गया, राजगीर और बोधगया तक का सफर बेहद आसान हो गया है, जिससे रोजाना जाम की समस्या से जूझने वाली लाखों की आबादी को बड़ी राहत मिली है।
चार चरणों का 4-लेन रोड सर्किट और मीठापुर-महुली-पुनपुन प्रोजेक्ट
मीठापुर-महुली-पुनपुन रोड प्रोजेक्ट के तहत नवनिर्मित मीठापुर-सिपारा एलिवेटेड हिस्से का उद्घाटन किया गया है। 2.10 किलोमीटर लंबे इस हिस्से की निर्माण लागत 231.23 करोड़ रुपये है। इस पूरी 11 किलोमीटर लंबी परियोजना की कुल लागत 1400 करोड़ रुपये है, जो तीन चरणों में पूरी हुई है।
पहले चरण में पटना बाईपास सिपारा से महुली तक 6.7 किमी लंबा एलिवेटेड रोड, दूसरे चरण में महुली से पुनपुन तक 2.2 किमी लंबा हाईवे और तीसरे चरण में मीठापुर आरओबी से सिपारा तक 2.1 किमी का कार्य पूरा किया गया है। इसके शुरू होने से पटना से गया, बिहारशरीफ, बख्तियारपुर और पुनपुन का 4-लेन रोड सर्किट पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब पटना जीपीओ से पुनपुन का सफर जो पहले एक घंटे से अधिक समय लेता था, वह महज 10 मिनट में पूरा होगा। साथ ही पटना से जहानाबाद, अरवल, राजगीर, बोधगया और डोभी जाने वाले यात्रियों का सफर भी सुगम हो गया है।
करबिगहिया फ्लाईओवर और पटना जंक्शन की बेहतर कनेक्टिविटी
यातायात को सुरक्षित और दबावमुक्त बनाने के लिए 249 करोड़ रुपये की लागत से बने 1150 मीटर लंबे मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और सर्विस पथ का भी उद्घाटन किया गया है। इस मार्ग के खुलने से मीठापुर गोलंबर से करबिगहिया गोलंबर, पुराना बस स्टैंड और बाईपास की तरफ आवागमन सुगम हो गया है।
पटना जंक्शन के दक्षिणी द्वार (करबिगहिया) और कंकड़बाग जाने वाले रेल यात्रियों को अब भीषण ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित कृषि भवन, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) और निफ्ट (NIFT) कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बहुमूल्य समय की भी भारी बचत होगी। बाईपास के दक्षिण में रहने वाली 5 लाख से अधिक आबादी को मुख्य शहर से सीधा और निर्बाध रास्ता मिल गया है।


