राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सियासी शोले भड़के।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल समेत अग्रिम पंक्ति के मंत्रियों की तुलना फिल्म शोले के ठाकुर से की। राजेंद्र सिंह ने कटाक्ष किया कि प्रहलाद पटेल की हालत वैसी ही है जैसे आसमान से टपके और खजूर पर अटके
इस पर प्रहलाद पटेल ने कहा- हाथ कटे हैं, लेकिन पैर बचे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि मैं वह अकेला आदमी रहूंगा जो 108 नदियों के उद्गम स्थल तक जा सकेगा।
दुग्ध उत्पादन में नंबर वन
भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मप्र पीएम आवास बनाने में पहले, गेहूं उत्पादन में दूसरे नंबर का राज्य है। दुग्ध उत्पादन में नंबर वन है। कांग्रेस के भंवर सिंह शेखावत ने तंज कसा कि 21 साल से तो आपकी ही सरकार है, ये गुंडे। शेखावत ने कैलाश विजयवर्गीय को लेकर कहा- कि हमारा शेर दहाड़ नहीं पा रहा है इंदौर सूना हो गया है।
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तब जनसंघ बना भी नहीं था
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बीच भी तीखी बहस हुई। बरैया ने कहा कि भाजपा दावा करती है कि उनकी सरकार में बेटियां कलेक्टर बनीं, जबकि यह संविधान के कारण संभव हुआ। इस पर मंत्री परमार ने कहा कि बरैया हमेशा भड़काने वाले बयान देते हैं। इस पर बरैया ने पलटवार किया- आप बड़े उपदेश देते हो। बरैया ने जनसंघ पर टिप्पणी की, जिसे सभापति ने रिकॉर्ड से विलोपित कर दिया। प्रहलाद पटेल ने कहा जिस समय का बरैया जिक्र कर रहे हैं, तब जनसंघ बना भी नहीं था।
कैलाश-उमंग के बीच हुई उतावलेपन पर चर्चा
विधानसभा में किसानों के ध्यानाकर्षण के दौरान चर्चा
मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद नेता प्रतिपक्ष बोले
कपास, सोयाबीन को लेकर सरकार का क्या विचार है
कैलाश बोले
मुख्यमंत्री कभी भी वक्तव्य दे सकते हैं
नेता प्रतिपक्ष कभी भी प्रतिक्रिया दे सकते हैं
नेता प्रतिपक्ष
उतावले मत होइए, आपके उतावलेपन से मैं उस दिन गर्म हो गया था
नेता प्रतिपक्ष बोले- जब आप उतावले होते हैं तो मुंह से क्या-क्या निकलता है।
कैलाश
वक्तव्य के बाद प्रति उत्तर न हो
वक्तव्य के अलावा अन्य विषय वस्तु न जोड़ें


