मुलाना. महर्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मुलाना के विधि संकाय द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW), हरियाणा राज्य महिला आयोग (HSCW) तथा डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत के सहयोग से “एनआरआई मैरिजेज: डूज़ एंड डोन्ट्स – ए वे फॉरवर्ड इन द स्टेट ऑफ हरियाणा” विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एनआरआई विवाहों से जुड़ी चुनौतियों, कानूनी अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र के प्रति समाज, विशेषकर महिलाओं को जागरूक करना था।

कार्यक्रम में हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेणु भाटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने एनआरआई विवाहों से संबंधित कानूनी, सामाजिक एवं व्यावहारिक समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

एमएम (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के प्रो वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) बी. श्रीधर रेड्डी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में कानूनी जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर निरंतर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

इस अवसर पर प्रोटेक्शन ऑफिसर (PPO), अंबाला अरविंदरजीत कौर भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में डीएलएसए, अंबाला की पैनल अधिवक्ता टेंसी तथा राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य एवं अधिवक्ता भाविका शर्मा ने संसाधन वक्ता के रूप में एनआरआई विवाहों से जुड़े कानूनी प्रावधानों, आवश्यक सावधानियों, शिकायत निवारण तंत्र और महिलाओं के अधिकारों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. बलविंदर कौर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं निदेशक, सेंटर फॉर लेबर स्टडीज़, डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत ने प्रतिभागियों को एनआरआई विवाहों से संबंधित अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं तथा उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

कार्यक्रम की संयोजक प्रो. (डॉ.) बिंदु जिंदल, अधिष्ठाता (डीन), विधि संकाय, एमएम (डीयू), मुलाना रहीं। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं समयानुकूल पहल बताया।