हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण प्रदेश में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 23 अगस्त 2026 सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 149 सड़कें बंद, 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित और 35 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।

मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद

सड़क बंद होने के मामलों में मंडी सबसे आगे है, जहां 86 सड़कें प्रभावित हैं। कुल्लू में 31, शिमला में 10, चंबा और कांगड़ा में 8-8, ऊना में 4, जबकि बिलासपुर और लाहौल-स्पीति में एक-एक सड़क बंद है।

बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। मंडी में 25 और चंबा में 20 DTR बाधित हैं। शिमला में 11, कांगड़ा में 3 और कुल्लू में एक DTR प्रभावित है। पेयजल योजनाओं में हमीरपुर की 30, शिमला की 4 और कांगड़ा की एक योजना प्रभावित है।

मानसून में अब तक 224 लोगों की मौत

SEOC की 30 जून से 22 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार मानसून के दौरान 224 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 91 मौतें आपदा संबंधी घटनाओं और 133 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस दौरान 330 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी लापता है। इसके अलावा 441 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है।

1121 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

प्रदेश में मानसून से अब तक 1,12,129.57 लाख रुपये यानी करीब 1,121.30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मकानों, दुकानों, गौशालाओं और अन्य निजी व सार्वजनिक संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची है।

22 अगस्त शाम को प्रदेश में 98 सड़कें बंद थीं, जो 23 अगस्त सुबह बढ़कर 149 हो गईं। यानी रातभर में 51 और सड़कें बंद हुईं। हालांकि DTR और पेयजल योजनाओं में कुछ सुधार दर्ज किया गया है।

आज भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शिमला समेत कांगड़ा, मंडी, चंबा, ऊना, कुल्लू, हमीरपुर, बिलासपुर और सिरमौर में बारिश की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी है। प्रशासन ने लोगों को नदियों-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

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