० अल नीनो और कमजोर लो-प्रेशर सिस्टम का असर, करनाल-दादरी में झमाझम तो हिसार-सिरसा-फतेहाबाद में बारिश का इंतजार

हरियाणा डेस्क। हरियाणा में इस बार मानसून का पैटर्न पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश के कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि कई इलाके अब भी सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो के प्रभाव और कम दबाव के क्षेत्र कम बनने से बारिश का वितरण असमान हो गया है।

चौथे दिन भी कई जिलों में झमाझम बारिश

प्रदेश में गुरुवार को लगातार चौथे दिन कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। शाम पांच बजे तक करनाल में 68 मिमी, चरखी दादरी में 45 मिमी, यमुनानगर में 44.5 मिमी, भिवानी में 34 मिमी, पलवल में 23.5 मिमी और कैथल में 18 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

वहीं हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में पूरे दिन बारिश नहीं हुई। इन जिलों में हल्की फुहारों के बाद उमस बढ़ गई और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।

9 दिन में सूखे जैसे हालात

मानसून के पहले नौ दिनों में हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जैसे जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। लगातार कमजोर वर्षा के कारण इन इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

अल नीनो से बदला बारिश का पैटर्न

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव और कम दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) कम बनने के कारण मानसून कमजोर दिखाई दे रहा है। इसका असर यह है कि पूरे प्रदेश में एक समान बारिश नहीं हो रही।

उन्होंने बताया कि टर्फ लाइन में लगातार बदलाव होने से कुछ जिलों में अत्यधिक बारिश हो रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश नहीं पहुंच पा रही है।

पश्चिमी विक्षोभ भी नहीं दिखा रहा असर

विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार जेट धाराएं दक्षिण की ओर सक्रिय नहीं हैं, जिससे पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावी साबित नहीं हो रहे। सामान्य परिस्थितियों में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ अच्छी बारिश कराते हैं, लेकिन इस बार इसका असर सीमित रहा है।

किसानों के लिए बढ़ी चिंता

बारिश के असमान वितरण का सबसे अधिक असर खेती पर पड़ने की आशंका है। जहां कुछ जिलों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहीं कई क्षेत्रों में फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में बारिश का संतुलन नहीं बना तो कृषि पर इसका असर पड़ सकता है।