न्यामुद्दीन अली, अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत खमरोध गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आर्थिक तंगी और परेशानियों से जूझ रही मां-बेटी ने आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें मृतक मां ने लिखा है कि वे किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती थीं।

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पुलिस के अनुसार, 42 वर्षीय मीरा रैदास और उनकी 24 वर्षीय पुत्री पूनम रैदास का शव आम के पेड़ पर लटकता मिला। सूचना मिलते ही कोतमा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मीरा रैदास अपने पति से अलगाव के बाद मायके में रह रही थीं और बेटी पूनम का अकेले पालन-पोषण कर रही थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। मीरा ने पति से भरण-पोषण राशि दिलाए जाने के लिए कोर्ट में केस भी दायर किया था, जो अभी विचाराधीन है।

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सुसाइड नोट में लिखा गया है- “हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।” यह नोट परिवार की मजबूरियों को साफ दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मीरा काफी समय से आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। बेटी पूनम भी मां के साथ इन परेशानियों का सामना कर रही थी। दोनों ने इस कदर कदम उठाया, जिससे पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है। कोतमा थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई अन्य वजह भी तो नहीं है। 

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