सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी व्यवहार न्यायालय ने एक दशक से अधिक समय से लंबित एसिड अटैक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए न्याय की मिसाल कायम की है। कोर्ट ने जमीन विवाद में अपनी सगी भाभी और भतीजी पर तेजाब फेंकने के दोषी विजय यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला?
यह हृदयविदारक घटना 2014 में घोड़ासहन थाना क्षेत्र के जगीरहा गांव में घटी थी। पीड़ित अभय यादव के अनुसार उनके बड़े भाई विजय यादव की नजर पैतृक संपत्ति की 20 कट्ठा जमीन पर थी। जब अभय यादव ने अपनी हिस्से की जमीन देने से इनकार कर दिया तो विजय यादव ने रंजिश पाल ली। इसी विवाद के चलते एक रात आरोपी ने अंधेरे का फायदा उठाकर अभय यादव की पत्नी और उनकी भतीजी पर एसिड से बर्बर हमला कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
पिछले 12 वर्षों से मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश रंजन ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी विजय यादव को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मणि भूषण सिंह (उर्फ पप्पू सिंह) ने बताया कि यह फैसला कानून में लोगों का भरोसा मजबूत करता है। वहीं 12 साल के लंबे संघर्ष के बाद न्याय पाकर पीड़ित अभय यादव ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाई द्वारा किए गए इस हमले ने उनके परिवार का जीवन बदल दिया था लेकिन आज न्यायालय ने उन्हें इंसाफ दिलाकर घावों पर मरहम लगाने का काम किया है। यह फैसला उन लोगों के लिए सबक है जो पारिवारिक संपत्ति के लालच में मानवता को शर्मसार कर देते हैं।

