सोहराब आलम/चिरैया/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरपुर में रविवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात युवक ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का ड्रग इंस्पेक्टर बताकर एक दवा दुकानदार को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने का प्रयास किया। हालांकि दुकानदार की सूझबूझ और असली ड्रग इंस्पेक्टर की सक्रियता के कारण फर्जी अधिकारी का मंसूबा नाकाम हो गया और वह मौके से फरार हो गया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रविवार को एक युवक मीरपुर स्थित दीपक मेडिकल पर पहुंचा। खुद को ड्रग विभाग का आला अधिकारी बताते हुए उसने दुकान के दस्तावेजों की जांच के नाम पर दुकानदार को धमकाना शुरू कर दिया। युवक का अंदाज इतना आक्रामक था कि दुकानदार को तुरंत उस पर संदेह हुआ। युवक की संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए दुकानदार ने घबराने के बजाय तत्काल क्षेत्र के वास्तविक ड्रग इंस्पेक्टर सुशील कुमार को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।
सतर्कता ने बचाई दुकानदार की साख
दुकानदार की सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने दुकानदार को निर्देश दिया कि वह उस युवक की पहचान के लिए उसका वीडियो बनाए और उसे वहीं रोके रखने का प्रयास करे। जैसे ही युवक को यह आभास हुआ कि उसकी पोल खुलने वाली है और विभाग के अधिकारी उस तक पहुंच रहे हैं, वह आनन-फानन में वहां से भाग निकला।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जिले में इस प्रकार की धोखाधड़ी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले आदापुर क्षेत्र में भी इसी तरह से खुद को ड्रग विभाग का अधिकारी बताकर उगाही करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। तब स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग आधा दर्जन फर्जीवाड़ा करने वाले युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ऐसे में यह घटना दवा व्यापारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
ड्रग इंस्पेक्टर की अपील: पहचान पत्र की करें जांच
घटना के बाद ड्रग इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने जिले के सभी दवा दुकानदारों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकृत विभागीय अधिकारी जब निरीक्षण के लिए आता है, तो वह अपना आधिकारिक परिचय-पत्र (ID Card) अवश्य प्रदर्शित करता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर संदेह हो, तो:
- सबसे पहले उनका फोटो या वीडियो बनाएं।
- तुरंत संबंधित क्षेत्रीय ड्रग इंस्पेक्टर या स्थानीय थाना को सूचित करें।
- आपातकालीन स्थिति में ‘डायल-112’ पर फोन कर पुलिस की सहायता लें।
- फिलहाल, इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार युवक की तलाश की जा रही है।

