सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले में बाइक चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। सिकरहना अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अभिषेक कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है।
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकारगंज थानाध्यक्ष गोपाल कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में एक संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय है, जो लगातार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई।

​गिरफ्तारी और बरामदगी के आंकड़े

​छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस को भारी सफलता हाथ लगी:

  • ​शिकारगंज थाना क्षेत्र: सबसे पहले पुलिस ने इस क्षेत्र से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई करते हुए कुल 7 चोरी की बाइक के साथ 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
  • ​चिरैया थाना क्षेत्र: मुख्य सुराग मिलने के बाद पुलिस ने चिरैया थाना क्षेत्र के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं और मौके से 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।
  • ​इस प्रकार, दोनों थानों की संयुक्त कार्रवाई में कुल 28 चोरी की बाइकें बरामद की गईं और 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।

​गिरोह का नया पैंतरा और मास्टरमाइंड की तलाश

​पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। चोरी की गई बाइकों के मूल चेचिस नंबर को हटाकर उस पर नया नंबर पंच कर दिया जाता था, ताकि वाहन की पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद इन गाड़ियों को आसानी से दूसरे जिलों और अन्य राज्यों में कम दामों पर बेच दिया जाता था।
​जांच में यह भी सामने आया है कि इस सिंडिकेट में एक ‘मिडिल मैन’ (बिचौलिया) भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह बिचौलिया चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने और सुरक्षित खरीदारों तक पहुंचाने का काम करता था। हालांकि, इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उसे भी दबोच लिया जाएगा।