सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षा विभाग भले ही प्रतिदिन नए-नए दिशा-निर्देश और फरमान जारी कर रहा हो, ताकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। ताजा मामला पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिले के अरेराज प्रखंड से सामने आया है, जहां एक सरकारी शिक्षक का स्कूल अवधि के दौरान कुर्सी पर आराम से सोते और खर्राटे भरते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​वायरल वीडियो अरेराज प्रखंड के अंतर्गत आने वाले नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, बलहा अहिरटोली का बताया जा रहा है। इस विद्यालय में कुल 45 बच्चे नामांकित हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गुरुजी बच्चों को पढ़ाने के बजाय कुर्सी पर गाढ़ी नींद में सोए हुए हैं और उनके खर्राटे गूंज रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्रों के अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक की ऐसी ही लापरवाह कार्यशैली के कारण बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों से आजिज़ आकर एक अभिभावक ने इस लापरवाही का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

​कागज पर चल रहा स्कूल, भगवान भरोसे बच्चों का भविष्य

​अरेराज प्रखंड के इस विद्यालय में कुल दो शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय न तो समय से खुलता है और न ही यहां किसी प्रकार की नियमित पढ़ाई होती है। स्कूल का संचालन सिर्फ कागजों पर ही हो रहा है। इस तरह की लचर व्यवस्था के कारण स्थानीय ग्रामीण और अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। मजबूरी में उन्हें अपने बच्चों को सरकारी स्कूल से निकालकर महंगे प्राइवेट विद्यालयों में भेजने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जबकि गरीब परिवार के लोग ऐसा करने में असमर्थ हैं।

​शिक्षा विभाग के दावों पर बड़ा सवाल

​एक तरफ सरकार और शिक्षा विभाग शिक्षा के स्तर को सुधारने और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर शिक्षकों की इस तरह की तस्वीरें व्यवस्था की गंभीरता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद जिला शिक्षा प्रशासन और अरेराज के शिक्षा अधिकारी इस लापरवाह शिक्षक के खिलाफ क्या और कब तक कड़ी कार्रवाई करते हैं।