कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ छोड़कर लौट रही सरकारी बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस अचानक आग की चपेट में आ गई। आग इतनी भीषण थी कि महज तीन मिनट में पूरी एंबुलेंस धू-धूकर जल गई और लोहे का ढांचा बनकर रह गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त एंबुलेंस में कोई मरीज मौजूद नहीं था।

बोनट से उठता दिखा धुआं, देखते ही देखते भड़क उठीं लपटें

एलएनजेपी अस्पताल में तैनात एंबुलेंस चालक कृष्ण कुमार के अनुसार, अस्पताल से एक मरीज को पेशाब संबंधी गंभीर समस्या के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के बाद वह सरकारी एंबुलेंस लेकर कुरुक्षेत्र लौट रहे थे। इसी दौरान अंबाला के सद्दोपुर गांव के पास एंबुलेंस के बोनट से धुआं उठता दिखाई दिया।

चालक ने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोका और बोनट खोला, लेकिन तब तक इंजन में आग लग चुकी थी। बोनट खुलते ही आग ने विकराल रूप ले लिया और कुछ ही पलों में पूरी एंबुलेंस को अपनी चपेट में ले लिया।

फायर एक्सटिंग्विशर भी नहीं आया काम

चालक ने एंबुलेंस में मौजूद फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि कुछ भी बचाया नहीं जा सका। महज तीन मिनट में पूरी एंबुलेंस जलकर खाक हो गई।

10 मिनट बाद पहुंची दमकल, आधे घंटे में बुझी आग

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब 10 मिनट बाद दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंचा और लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक एंबुलेंस पूरी तरह जल चुकी थी।

शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह इंजन में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। विभाग को घटना की जानकारी दे दी गई है और मामले की जांच जारी है।

संयोग भी चौंकाने वाला

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र अस्पताल को दो नई एंबुलेंस देने की घोषणा की थी। ऐसे में इस घटना ने सरकारी एंबुलेंसों की तकनीकी स्थिति और रखरखाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।