शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार पर अगले 3 दिनों के लिए ब्रेक लग गया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले 72 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर धीमा रहेगा, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी। 12 सितंबर से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे प्रदेश में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है।

12 सितंबर से बुंदेलखंड और महाकौशल में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि 12 सितंबर से स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम के असर से छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रीवा, शहडोल, सागर और जबलपुर संभाग के जिलों में भी मध्यम से तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में अब भी 6% पानी की कमी, जून से अगस्त तक 13% कम बरसे बादल

चालू मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून से अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश में सामान्य की तुलना में 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी। सितंबर की शुरुआत में हुई झमाझम बारिश के बावजूद प्रदेश में फिलहाल औसतन 6% पानी की कमी बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की औसत सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है, जिसे हासिल करने के लिए सितंबर के बाकी बचे दिनों में अच्छी बारिश का होना बेहद जरूरी है।

भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश, सितंबर में 5 साल का रिकॉर्ड टूटा

राजधानी भोपाल में इस बार सितंबर महीने की बारिश ने बीते 5 सालों के ऑल-टाइम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार चौथे साल कुल बारिश का सीजनल कोटा पार हो चुका है। शहर के बड़े तालाब का वाटर लेवल फुल होने के बाद भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले जा चुके हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 12 सितंबर से आने वाला नया सिस्टम भोपाल समेत मध्य एमपी में भी बारिश के आंकड़े को और बढ़ाएगा।

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