सुजान सिंह, अमरवाड़ा/हर्रई। छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा के हर्रई में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान बम्होरी निवासी महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे एक निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां कथित डॉक्टर ने उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान महिला की हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग से भी पूरे मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के दस्तावेज और क्लिनिक की वैधता की जांच की जा रही है। अगर जांच में अवैध रूप से चिकित्सा करने या इलाज में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सील के बाद फिर कैसे खुल गई झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें? आखिर किसका है संरक्षण?

महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर पहले कार्रवाई करते हुए झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक सील की गई थी तो वह दोबारा कैसे संचालित होने लगी? क्या संबंधित विभाग ने नियमित निगरानी नहीं की, या फिर किसी के संरक्षण में अवैध क्लीनिक दोबारा खुल गए?
क्षेत्र में चर्चा का विषय है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई और निगरानी होती, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। अब लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह भी स्पष्ट किया जाए कि सील किए गए क्लीनिक दोबारा किसके आदेश या लापरवाही से संचालित होने लगे।

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